क्या 2027 की तैयारी में जुटने का समय आ गया है? झूठे आरोपों और विरोधी प्रचार से रहें सावधान: मायावती
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 16 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में एक राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। उन्होंने पार्टी के सभी पदाधिकारियों से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी करने और पार्टी के खिलाफ फैलाए जा रहे झूठे आरोपों व प्रचार के प्रति सजग रहने की अपील की।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर को आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बहुजन समाज आज भी पार्टी के मिशन, विचारधारा और नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ा है। इस आयोजन को सफल बनाने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को उन्होंने हार्दिक बधाई दी।
बसपा की नेता मायावती ने कहा कि यह पार्टी अन्य राजनीतिक दलों की तरह पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के सहारे नहीं चलती। यह सामाजिक बदलाव और आर्थिक मुक्ति का मिशन है, जो दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, मुस्लिमों और अन्य कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए संघर्षरत है।
उन्होंने बताया कि सपा सरकार ने जातिवाद के कारण महान संतों और महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों, विश्वविद्यालयों और जिलों के नाम बदलकर बहुजन समाज का अपमान किया है। इसके साथ ही इन वर्गों के लिए बनाई गई योजनाओं को निष्क्रिय कर दिया गया है, जो राजनीतिक द्वेष का प्रतीक है।
मायावती ने स्पष्ट कहा कि बसपा कभी भी साम, दाम, दंड, भेद जैसी राजनीति नहीं करती। हमारी राजनीति एक खुले किताब की तरह स्पष्ट है। बसपा की पहचान ईमानदारी, समर्पण और सेवा से है, न कि झूठे प्रचार या साजिश से।
बैठक में यह भी तय किया गया कि बहुजन मिशन 2027 के तहत पार्टी गांव-गांव जाकर जनता से संवाद करेगी। वरिष्ठ नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे और लोगों को समझाएंगे कि बीएसपी ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनकल्याण की सच्ची गारंटी है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे विपक्षी दलों के भ्रम फैलाने वाले प्रचार से सावधान रहें और एकजुट होकर बहुजन समाज की आवाज को और मजबूत करें।