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क्या बंगाल सहित अन्य राज्यों में महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है? : मायावती

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क्या बंगाल सहित अन्य राज्यों में महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है? : मायावती

सारांश

बीएसपी की प्रमुख मायावती ने महिलाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, कांग्रेस और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। क्या ये पार्टियां संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ कर रही हैं? जानें इस लेख में उनके विचार और पार्टी की योजनाएं।

मुख्य बातें

महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है।
कांग्रेस और भाजपा पर गंभीर आरोप।
संविधान का उल्लंघन हो रहा है।
बीएसपी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत हो रहा है।
संविधान विरोधी चरित्र पर बीएसपी की चेतावनी।

लखनऊ, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने शनिवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा हमला किया। उन्होंने इन दोनों पार्टियों पर आरोप लगाया कि वे अपने राजनीतिक हित और विचारधारा के तहत भारतीय संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।

मायावती ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने देश को सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय के उद्देश्य से एक मानवतावादी और उत्कृष्ट संविधान प्रदान किया था, लेकिन कांग्रेस ने पहले और अब भाजपा ने वर्षों से उसे कमजोर करने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों ने दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और किसानों के अधिकारों पर हमला किया है और संविधान में गैर-जरूरी संशोधन कर देश के जातिवादी ढांचे को फिर से स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। बीएसपी इन प्रयासों की कड़ी निंदा करती है।

आरक्षण के मुद्दे पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि संविधान के तहत मिले अधिकारों को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। भाषाई राजनीति पर उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान की भावना के अनुरूप सभी भाषाओं को समान सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा, "भाषा को लेकर बहस ठीक है, लेकिन राजनीतिक टकराव नहीं होना चाहिए।"

मायावती ने केंद्रीय चुनाव आयोग से भी अपील की कि वह संविधान के अनुसार सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर कार्य करे। देश में महिलाओं की सुरक्षा, दलित उत्पीड़न और धार्मिक हिंसा के मुद्दे उठाते हुए उन्होंने कहा कि हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। बंगाल सहित कई राज्यों में महिलाओं की स्थिति पर उन्होंने विशेष चिंता जताई।

मायावती ने कहा कि बीएसपी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत किया जा रहा है और पार्टी केवल मीडिया की शोबाजी तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह से तैयार नहीं हो जाता, बैठकें जारी रहेंगी।

इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी, "अगर संविधान विरोधी चरित्र नहीं बदला गया तो बीएसपी चुप नहीं बैठेगी। जरूरत पड़ी तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे संविधान की रक्षा के लिए भी आवश्यक हैं। उनके विचारों को सुनकर यह स्पष्ट होता है कि वे समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक मजबूत आवाज बनना चाहती हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायावती ने किन मुद्दों पर बात की?
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, दलित उत्पीड़न, और राजनीतिक दलों के संविधान के प्रति रवैये पर चिंता व्यक्त की।
क्या मायावती का संगठनात्मक ढांचा मजबूत हो रहा है?
जी हां, उन्होंने बताया कि बीएसपी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत किया जा रहा है।
मायावती का राजनीतिक दृष्टिकोण क्या है?
उनका दृष्टिकोण संविधान की रक्षा और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए लड़ने पर केंद्रित है।
क्या बीएसपी सड़कों पर उतरेगी?
अगर संविधान विरोधी चरित्र नहीं बदला गया, तो बीएसपी सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।
कौन सी पार्टियों पर मायावती ने आरोप लगाए?
उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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