डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, MCX पर 1.6%25 तक टूटे भाव
सारांश
Key Takeaways
- MCX पर सोना 23 अप्रैल 2026 को ₹1,52,111 प्रति 10 ग्राम पर, 0.36%25 यानी ₹546 की गिरावट के साथ।
- MCX पर चांदी 1.61%25 यानी ₹3,987 टूटकर ₹2,44,377 प्रति किलोग्राम पर।
- कॉमेक्स पर सोना $4,720 और चांदी $76 प्रति औंस — दोनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कमजोरी।
- डॉलर इंडेक्स 98.50 के ऊपर, 0.11%25 की बढ़त — सोने-चांदी की गिरावट की मुख्य वजह।
- अमेरिका-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड $103 और WTI क्रूड $94 प्रति बैरल पर पहुंचा।
- कच्चे तेल की महंगाई से डॉलर की मांग बढ़ी, जिसका सीधा असर भारतीय सोना-चांदी बाजार पर पड़ा।
मुंबई, 23 अप्रैल 2026 — मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज बिकवाली देखी गई। मजबूत डॉलर इंडेक्स के दबाव में दोनों कीमती धातुएं 1.6 प्रतिशत तक लुढ़क गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में कमजोरी बनी रही।
MCX पर सोने और चांदी के ताज़ा भाव
MCX पर सोने का 05 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट सुबह 9:56 बजे 0.36 प्रतिशत यानी ₹546 की गिरावट के साथ ₹1,52,111 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान सोने ने ₹1,51,719 का न्यूनतम और ₹1,52,200 का उच्चतम स्तर छुआ।
चांदी का 05 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.61 प्रतिशत यानी ₹3,987 की कमजोरी के साथ ₹2,44,377 प्रति किलोग्राम पर था। चांदी ने आज के कारोबार में ₹2,42,220 का निचला और ₹2,44,730 का ऊपरी स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स (COMEX) पर गोल्ड की कीमत 0.68 प्रतिशत घटकर $4,720 प्रति औंस पर आ गई। वहीं चांदी का दाम 2.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ $76 प्रति औंस पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की यह कमजोरी सीधे तौर पर डॉलर इंडेक्स की मजबूती से जुड़ी हुई है। जब डॉलर मजबूत होता है तो डॉलर में कारोबार होने वाली धातुओं की मांग घट जाती है।
डॉलर इंडेक्स में तेजी — असली वजह क्या है?
डॉलर इंडेक्स 0.11 प्रतिशत बढ़कर 98.50 के ऊपर कारोबार कर रहा था। यह इंडेक्स दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं — यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक — के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है।
डॉलर की मजबूती के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव के चलते वैश्विक तेल बाजार में हलचल है। ब्रेंट क्रूड 1.22 प्रतिशत की तेजी के साथ $103 प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ $94 प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
निवेशकों और आम जनता पर असर
सोने और चांदी में यह गिरावट उन निवेशकों के लिए चिंता का विषय है जिन्होंने हाल के ऊंचे स्तरों पर खरीदारी की थी। हालांकि, जो निवेशक लंबी अवधि के लिए खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक अवसर भी हो सकता है।
गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोने के उपभोक्ता देशों में से एक है और घरेलू कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे आभूषण उद्योग, शादी-ब्याह के खर्च और ग्रामीण बचत को प्रभावित करता है। जब वैश्विक स्तर पर डॉलर मजबूत होता है तो आयात महंगा पड़ता है और इसका असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति आने वाले दिनों में सोने की दिशा तय करेगी। यदि तनाव बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग फिर से बढ़ सकती है।