सोना ₹1,41,201 और चांदी ₹2,19,383 पर फिसली, मध्य पूर्व तनाव व डॉलर की मजबूती से दबाव
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 16 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में करीब आधा प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर इंडेक्स में बनी मजबूती ने कीमती धातुओं पर दोहरा दबाव बनाया है।
सोने का कारोबार: सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव
MCX पर 5 अगस्त 2026 के सोने के वायदा अनुबंध ने पिछली क्लोजिंग ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹819 की गिरावट के साथ ₹1,41,031 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार शुरू किया। सुबह 9 बजकर 47 मिनट पर यह ₹649 यानी 0.46 प्रतिशत की कमजोरी के साथ ₹1,41,201 प्रति 10 ग्राम पर था।
दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,41,000 प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम और ₹1,41,433 प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ, जो यह दर्शाता है कि धातु एक संकीर्ण दायरे में बंधी हुई है।
चांदी में भी दबाव, 0.56 प्रतिशत लुढ़की
MCX पर 4 सितंबर 2026 के चांदी वायदा अनुबंध ने पिछली क्लोजिंग ₹2,20,620 प्रति किलो के मुकाबले ₹828 की कमजोरी के साथ ₹2,19,792 प्रति किलो पर शुरुआत की। खबर लिखे जाने तक यह ₹1,237 यानी 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,19,383 प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी।
चांदी ने दिन के दौरान ₹2,19,006 प्रति किलो का न्यूनतम और ₹2,20,133 प्रति किलो का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
गिरावट की वजह: मध्य पूर्व संघर्ष और मजबूत डॉलर
बाजार जानकारों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष और डॉलर इंडेक्स में बनी तेजी कीमती धातुओं की कीमतों को नीचे खींच रही है। यह ऐसे समय में आया है जब आमतौर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता में सोना सुरक्षित निवेश के रूप में चमकता है — लेकिन मजबूत डॉलर उस प्रभाव को कमजोर कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिलाजुला रुख
वैश्विक स्तर पर COMEX पर सोना 0.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ $4,040 प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 0.12 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ $57 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। गौरतलब है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यह विभाजित रुख रुपये-डॉलर विनिमय दर के दबाव को भी प्रतिबिंबित करता है।
आने वाले सत्रों में मध्य पूर्व की स्थिति और अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी, जो कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।