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अलीपुर हिट एंड रन: दिल्ली पुलिस ने कुलदीप और नीरज को गिरफ्तार किया, ड्यूटी पर हेड कांस्टेबल अमित की मौत

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अलीपुर हिट एंड रन: दिल्ली पुलिस ने कुलदीप और नीरज को गिरफ्तार किया, ड्यूटी पर हेड कांस्टेबल अमित की मौत

सारांश

दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आए हेड कांस्टेबल अमित की मौत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो आरोपियों — कुलदीप उर्फ करन और नीरज — को गिरफ्तार किया और वाहन जब्त किया।

मुख्य बातें

बुधवार शाम लगभग 6 बजे सिंघु बॉर्डर पर एक तेज रफ्तार कार ने ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल अमित को टक्कर मारी।
घायल हेड कांस्टेबल को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया; वे हरियाणा के सोनीपत के मूल निवासी थे।
दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी कुलदीप उर्फ करन और नीरज को गिरफ्तार किया।
घटना में इस्तेमाल कार जब्त कर ली गई है; अलीपुर थाने में कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज है।
मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

नई दिल्ली में अलीपुर थाना क्षेत्र के सिंघु बॉर्डर पर हुए एक दर्दनाक हिट एंड रन मामले में दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों — कुलदीप उर्फ करन और नीरज — को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में नरेला ट्रैफिक सर्कल में ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल अमित की जान चली गई थी। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया है।

घटनाक्रम: बुधवार शाम सिंघु बॉर्डर पर क्या हुआ

यह घटना बुधवार शाम लगभग 6 बजे सिंघु बॉर्डर पर हुई, जब हेड कांस्टेबल अमित स्पीड मॉनिटरिंग के लिए स्पीड गन लगाने का काम कर रहे थे। एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसके बाद चालक मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल हेड कांस्टेबल को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हेड कांस्टेबल अमित मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले थे। ड्यूटी के दौरान उनकी इस दुखद मौत ने पुलिस बल में शोक की लहर दौड़ा दी।

जांच और गिरफ्तारी

घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने अलीपुर थाने में कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांचकर्ताओं ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और शुरुआती जांच में वाहन की पहचान की।

त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों — कुलदीप उर्फ करन और नीरज — को गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल की गई कार को भी जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस इस मामले को प्राथमिकता पर ले रही है और कानून के तहत जांच को समयबद्ध ढंग से पूरा करने की कोशिश की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल पहले से उठते रहे हैं।

आम जनता और पुलिस बल पर असर

गौरतलब है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर वाहन चालकों द्वारा हमले या लापरवाही की घटनाएँ दिल्ली-एनसीआर में बीते वर्षों में सामने आती रही हैं। इस मामले ने एक बार फिर यातायात ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की सुरक्षा और हिट एंड रन मामलों में सख्त कार्रवाई की माँग को केंद्र में ला दिया है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यातायात प्रवर्तन की कमज़ोर सुरक्षा व्यवस्था का आईना है। सीसीटीवी के आधार पर त्वरित गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि हिट एंड रन मामलों में आरोपी इतनी आसानी से मौके से फरार क्यों हो पाते हैं। भारतीय न्याय संहिता के तहत हिट एंड रन के लिए सख्त प्रावधान बनाए गए हैं, पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन की माँग बार-बार उठती रही है — यह मामला उसी बहस को फिर सामने लाता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलीपुर हिट एंड रन मामले में क्या हुआ?
बुधवार शाम लगभग 6 बजे दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर एक तेज रफ्तार कार ने ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल अमित को टक्कर मार दी। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किया गया और चालक मौके से फरार हो गया था।
दिल्ली पुलिस ने किसे गिरफ्तार किया है?
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कुलदीप उर्फ करन और नीरज को गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल कार को भी जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
हेड कांस्टेबल अमित कौन थे और वे क्या कर रहे थे?
हेड कांस्टेबल अमित नरेला ट्रैफिक सर्कल में कार्यरत थे और घटना के समय सिंघु बॉर्डर पर स्पीड मॉनिटरिंग के लिए स्पीड गन लगा रहे थे। वे मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले थे।
आरोपियों की पहचान कैसे हुई?
दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और उसी आधार पर वाहन की पहचान करते हुए दोनों आरोपियों तक पहुँची। अलीपुर थाने में कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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