दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शाहबाद डेयरी हत्याकांड के फरार आरोपी अंशु उर्फ आकाश को रोहिणी से दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की पुरम टीम ने 13 जून 2026 को शाहबाद डेयरी हत्याकांड के फरार आरोपी अंशु उर्फ आकाश (21 वर्ष) को रोहिणी से गिरफ्तार किया। न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के बावजूद वह महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
यह मामला 23 मई का है, जब महादेव चौक, शाहबाद डेयरी में चाकू से हमले की सूचना मिली थी। घायल नारायण दत्त (31 वर्ष, निवासी गुप्ता कॉलोनी, प्रहलादपुर, दिल्ली) को पहले एमवी अस्पताल, पूठ खुर्द में भर्ती कराया गया। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली रेफर किया गया, जहाँ गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
जाँच के दौरान घटनास्थल के निकट लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन युवकों को मृतक पर हमला करते देखा गया। पुलिस ने उनकी पहचान सूरज, मनीष और अंशु उर्फ आकाश के रूप में की। सह-आरोपी सूरज और मनीष को इससे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
गिरफ्तारी अभियान
अंशु की गिरफ्तारी के लिए एक समर्पित टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर राकेश शर्मा ने किया। टीम में एसआई अशोक कुमार, एसआई सौरभ, एसआई नरेंद्र, एसआई यतेंद्र, एएसआई विकास, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल दिनेश, हेड कांस्टेबल संजय, हेड कांस्टेबल इरशाद, हेड कांस्टेबल रविंदर, हेड कांस्टेबल भाग सिंह, हेड कांस्टेबल सुखबीर, हेड कांस्टेबल राहुल और हेड कांस्टेबल सत्यवान शामिल रहे।
पूरा अभियान एसीपी/एनडीआर उमेश बर्थवाल की सीधी देखरेख में चला। टीम ने कई महीनों तक लगातार मैनुअल और तकनीकी निगरानी की। गुप्त सूचना के आधार पर रोहिणी इलाके में रणनीतिक छापेमारी कर आरोपी को काबू किया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, अंशु उर्फ आकाश का जन्म शाहबाद डेयरी, दिल्ली में हुआ था। वह 8वीं कक्षा तक पढ़ा है और पेशे से फोटोग्राफर है। उसके पिता रिक्शा चालक हैं और माँ का निधन हो चुका है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा, जिससे उसकी पकड़ में महीनों की देरी हुई।
क्या होगा आगे
तीनों आरोपियों — सूरज, मनीष और अंशु उर्फ आकाश — की गिरफ्तारी के साथ पुलिस का कहना है कि मामले में मुख्य अभियुक्तों की धरपकड़ पूरी हो गई है। अब मामला न्यायालय में आगे बढ़ेगा और सभी आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। यह गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें NBW धारक फरारियों पर तकनीकी और मानवीय निगरानी का संयुक्त उपयोग किया जाता है।