होर्मुज स्ट्रेट पर डीजीएमए का बड़ा फैसला: भारतीय नाविकों की तैनाती तत्काल रोकने का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
नौवहन महानिदेशालय (डीजीएमए) ने 16 जुलाई 2026 को जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और भर्ती एवं तैनाती सेवा लाइसेंस (आरपीएसएल) कंपनियों को अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती तत्काल रोकने का निर्देश जारी किया है। खाड़ी क्षेत्र में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात और व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है।
निर्देश की पृष्ठभूमि
समुद्री नियामक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि यह निर्देश संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया गया है। डीजीएमए के अनुसार, हाल के दिनों में मोम्बासा बी, अल बह्याह, जीएफएस गैलेक्सी, एमटी वेडयान और अल रेकय्यात जैसे व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों ने इस क्षेत्र में परिचालन के जोखिम को काफी बढ़ा दिया है।
यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका के हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव तेज़ी से बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने के बाद उसके तटीय रक्षा और मिसाइल ठिकानों को भी निशाना बनाया।
कप्तानों को दिए गए सुरक्षा निर्देश
एडवाइजरी में फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में परिचालन कर रहे जहाजों के कप्तानों को उच्च स्तर की सुरक्षा सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा नौवहन संबंधी चेतावनियों और सुरक्षा परामर्शों पर लगातार नज़र रखने तथा अंतरराष्ट्रीय जहाज एवं बंदरगाह सुविधा सुरक्षा (आईएसपीएस) संहिता के तहत जहाज सुरक्षा योजना का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
आपातकालीन सहायता व्यवस्था
आपातकालीन स्थिति में डीजीएमए ने नाविकों और जहाजों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल डीजी कम्युनिकेशन सेंटर (एमएमडीएसी) अथवा भारतीय नौसेना के इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (आईएफसी-आईओआर) से संपर्क करें। डीजीएमए ने यह भी कहा कि वह खाड़ी क्षेत्र के बदलते सुरक्षा हालात पर निरंतर नज़र बनाए हुए है।
ईरान-अमेरिका तनाव और समुद्री व्यापार पर असर
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में ईरान ने क्षेत्र से होने वाले ऊर्जा निर्यात को सीमित करने की चेतावनी दी है और कहा है कि वह अमेरिका के साथ अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस आयात करता है, और किसी भी व्यवधान का असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के साथ-साथ भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ सकता है।
डीजीएमए ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा और स्थिति की समीक्षा के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा।