अमेरिका ने ईरान की 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' को ब्लैकलिस्ट किया, ट्रंप बोले — सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी वित्त विभाग ने 28 मई 2026 को ईरान की 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' को स्पेशली डेज़िग्नेटेड नेशनल्स (SDN) सूची में शामिल कर दिया — यह प्रतिबंध उस संस्था पर लगाया गया है जिसे ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात की निगरानी के लिए मात्र दस दिन पहले स्थापित किया था। वाशिंगटन का आरोप है कि यह प्राधिकरण व्यावसायिक जहाजों से 'अवैध शुल्क' वसूल कर और सुरक्षित मार्ग के बदले ईरानी निर्देशों का पालन करवा कर वैश्विक समुद्री व्यापार को बाधित कर रहा था।
प्रतिबंध का आधार क्या है
अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने बुधवार को जारी बयान में स्पष्ट किया कि पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों को ईरानी अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेने और समन्वय करने के लिए बाध्य कर रही थी। OFAC के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन है।
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि इस संस्था के साथ किसी भी रूप में सहयोग करने वाले व्यक्ति या कंपनी पर भी प्रतिबंध लागू हो सकते हैं — जो वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए सीधा संकेत है।
वित्त मंत्री बेसेंट का बयान
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, "वैश्विक समुद्री व्यापार से वसूली करने की ईरानी सेना की यह नई कोशिश दिखाती है कि 'इकोनॉमिक फ्यूरी' अभियान ने ईरानी शासन को आर्थिक रूप से हताश कर दिया है।" बेसेंट का यह बयान ईरान पर अमेरिका के बढ़ते आर्थिक दबाव अभियान की पुष्टि करता है।
ट्रंप की दो-टूक — मध्यावधि चुनाव की परवाह नहीं
व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को उम्मीद थी कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के कारण उन पर राजनीतिक दबाव कम होगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा। ट्रंप ने कहा, "उन्हें लगा कि वे मेरा इंतज़ार कर लेंगे। मुझे मध्यावधि चुनावों की परवाह नहीं है।"
यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ परमाणु वार्ता जारी है, लेकिन ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका मौजूदा शर्तों से संतुष्ट नहीं है और ज़रूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हम अभी इससे संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन हो जाएंगे। नहीं तो हमें काम पूरा करना होगा।"
यूरेनियम पर कोई रियायत नहीं
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार छोड़ने के बदले किसी भी प्रकार की प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं। प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं मिलेगी। उन्हें अपना उच्च संवर्धित यूरेनियम छोड़ना ही होगा।" गौरतलब है कि यह रुख अमेरिका-ईरान वार्ता में एक बड़ी बाधा बना हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व और आगे की राह
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जहाँ से दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा कच्चा तेल गुज़रता है। ईरान ने 18 मई को 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' की स्थापना की थी और 20 मई को एक्स पर जारी बयान में कहा था कि होर्मुज से गुज़रने वाले जहाज़ों को ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना और अनुमति लेनी होगी। अमेरिका का यह प्रतिबंध उसी के जवाब में आया है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि अन्य देश और शिपिंग कंपनियाँ इस नई स्थिति में किस रास्ते पर चलती हैं।