16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध अभी भी जारी, ट्रंप के नाकाबंदी हटाने के दावे को ईरान ने नकारा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध अभी भी जारी, ट्रंप के नाकाबंदी हटाने के दावे को ईरान ने नकारा

सारांश

ट्रंप ने नाकाबंदी हटाने का ऐलान किया, लेकिन ईरान ने जमीन पर कुछ और ही दिखाया। आईआरजीसी अभी भी होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज पर अपनी शर्तें थोप रहा है — और परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच की खाई और चौड़ी होती दिख रही है।

मुख्य बातें

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने का ऐलान किया, लेकिन ईरानी नौसैनिक अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंध अभी भी लागू हैं।
खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण बरकरार है।
सभी वाणिज्यिक पोतों और तेल टैंकरों को आईआरजीसी नौसेना की अनुमति और ईरान-निर्धारित मार्गों का पालन करना अनिवार्य है।
पिछले 24 घंटों में 20 जहाजों को आईआरजीसी के समन्वय से जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दी गई।
ईरान ने स्पष्ट किया कि परमाणु मुद्दे मौजूदा वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं।
ईरान ने 28 फरवरी को इज़रायल-अमेरिकी हमलों के बाद जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और सख्त किया था।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बरकरार है — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नौसैनिक नाकाबंदी हटाने के दावे के बावजूद ईरानी जहाजों को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने में अभी भी बाधाएँ आ रही हैं। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, ईरानी नौसैनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिकी केंद्रीय कमान की ओर से जहाजों को क्षेत्र में प्रवेश न करने की चेतावनियाँ अभी भी दी जा रही हैं।

ट्रंप का दावा और ज़मीनी हकीकत

ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में घोषणा की थी कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी 'अब हटा ली जाएगी।' उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को 'तुरंत' खोल दिया जाना चाहिए, ताकि दोनों दिशाओं में बिना किसी प्रतिबंध के जहाजरानी हो सके और सभी समुद्री बारूदी सुरंगें हटाई जाएँ। लेकिन ज़मीनी स्तर पर स्थिति अलग बनी हुई है।

ईरान की शर्तें और नियंत्रण का दावा

ईरान की मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने शनिवार को आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से कहा कि ईरानी सशस्त्र बल होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण अधिकार के साथ नियंत्रण स्थापित कर रहे हैं। मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि जलमार्ग से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक पोतों और तेल टैंकरों को केवल ईरान द्वारा निर्धारित मार्गों का उपयोग करना होगा और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना से अनुमति लेनी होगी।

पिछले 24 घंटों में 20 जहाजों को अनुमति

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, आईआरजीसी नौसेना ने शनिवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में 20 जहाजों ने उसके बलों और ईरानी समुद्री अधिकारियों के समन्वय से जलडमरूमध्य को पार किया। इन जहाजों को रासायनिक उर्वरकों जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अनुमति दी गई थी — जो यह दर्शाता है कि ईरान चुनिंदा आधार पर पारगमन की अनुमति दे रहा है, न कि खुले तौर पर।

परमाणु मुद्दे पर टकराव

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ईरान के साथ संभावित समझौते की शर्तें भी रखीं — तेहरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल न करने पर सहमत होना होगा, और ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार का अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के समन्वय से पता लगाकर उसे नष्ट किया जाएगा। इस पर ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि परमाणु मुद्दे मौजूदा वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं।

संकट की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ईरान ने 28 फरवरी को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण और सख्त कर दिया था। यह कदम इज़रायल और अमेरिका द्वारा ईरानी क्षेत्र पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था, जिसके बाद इन देशों से जुड़े जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया। अमेरिका ने भी जलडमरूमध्य में अपने नौसैनिक प्रतिबंध बनाए रखे हैं, जिससे ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है, और किसी भी लंबे व्यवधान के वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि ईरान आईआरजीसी के नियंत्रण को बरकरार रखकर यह संकेत दे रहा है कि रियायतें एकतरफा नहीं होंगी। परमाणु मुद्दे को वार्ता से बाहर रखने की ईरान की जिद और अमेरिका की यूरेनियम-निरस्त्रीकरण की माँग के बीच कोई मध्य मार्ग अभी दिखता नहीं। होर्मुज — जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है — इस कूटनीतिक अस्पष्टता का सबसे महंगा दांव बना हुआ है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी प्रतिबंध अभी भी क्यों लागू हैं?
ईरानी नौसैनिक अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी केंद्रीय कमान की ओर से जहाजों को क्षेत्र में प्रवेश न करने की चेतावनियाँ अभी भी दी जा रही हैं। ईरान ने 28 फरवरी को इज़रायल-अमेरिकी हमलों के बाद यह प्रतिबंध लगाए थे और अभी तक इन्हें औपचारिक रूप से नहीं हटाया गया है।
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में क्या कहा था?
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके कहा था कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी 'अब हटा ली जाएगी' और होर्मुज को 'तुरंत' खोला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी शर्त रखी कि ईरान को परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत होना होगा और समृद्ध यूरेनियम भंडार को IAEA के समन्वय से नष्ट करना होगा।
आईआरजीसी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर क्या शर्तें लगा रहा है?
आईआरजीसी नौसेना की शर्त है कि सभी वाणिज्यिक पोत और तेल टैंकर केवल ईरान-निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और पारगमन से पहले उनसे अनुमति लें। पिछले 24 घंटों में 20 जहाजों को इसी प्रक्रिया के तहत जलडमरूमध्य पार करने दिया गया।
ईरान ने परमाणु मुद्दे पर क्या रुख अपनाया है?
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि परमाणु मुद्दे मौजूदा वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं। यह ट्रंप की उस माँग के सीधे विरोध में है जिसमें उन्होंने यूरेनियम भंडार नष्ट करने और परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता को समझौते की शर्त बताया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट की शुरुआत कब और कैसे हुई?
ईरान ने 28 फरवरी 2026 को इज़रायल और अमेरिका द्वारा ईरानी क्षेत्र पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कड़ा किया और इन देशों से जुड़े जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके जवाब में अमेरिका ने भी अपने नौसैनिक प्रतिबंध बनाए रखे, जिससे ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाज प्रभावित हुए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले