17 अगस्त 2026
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नया नियंत्रण तंत्र: PGSA बनाई, 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' के जहाजों पर रोक

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नया नियंत्रण तंत्र: PGSA बनाई, 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' के जहाजों पर रोक

सारांश

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर PGSA के ज़रिए नया नियंत्रण तंत्र लागू किया — रियल-टाइम निगरानी, शुल्क-आधारित अनुमति प्रणाली और 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' से जुड़े जहाजों पर पाबंदी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह कदम वैश्विक तेल व्यापार मार्ग पर ईरान की पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

मुख्य बातें

ईरान ने 18 मई 2025 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नई समुद्री नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की घोषणा की।
नया निकाय पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) जहाजों की रियल-टाइम निगरानी करेगा और अपडेट जारी करेगा।
केवल वाणिज्यिक जहाज और ईरान के साथ सहयोग करने वाले पक्ष ही इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।
तथाकथित 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' से जुड़े संचालनकर्ताओं के लिए यह मार्ग बंद रहेगा।
विशिष्ट सेवाओं के लिए शुल्क भी वसूला जाएगा; पूरा विवरण जल्द सार्वजनिक होगा।
यह घोषणा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिकी हथियारों की इजरायल डिलीवरी की रिपोर्टों के बीच आई।

ईरान ने 18 मई 2025 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नया समुद्री नियंत्रण ढाँचा लागू करने की घोषणा की, जिसके तहत पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) नामक एक नया निकाय गठित किया गया है। यह संस्था जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाजों की रियल-टाइम निगरानी करेगी और समुद्री संचालन से जुड़े अपडेट जारी करेगी। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इसकी आधिकारिक जानकारी दी।

PGSA क्या है और इसकी भूमिका क्या होगी

पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री यातायात की निगरानी, संचालन-सूचनाएँ साझा करने और नए ट्रांजिट नियमों को लागू करने के लिए अधिकृत होगी। ईरान पहले ही जहाजों के लिए नई अनुमति प्रणाली के संकेत दे चुका था, और PGSA इसी ढाँचे की औपचारिक परिणति है। इस तंत्र के तहत विशिष्ट सेवाओं के लिए शुल्क भी वसूला जाएगा।

किन जहाजों पर लागू होगी यह व्यवस्था

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘ईरान ने अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुरक्षा की गारंटी के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यातायात प्रबंधन के लिए एक पेशेवर तंत्र तैयार किया है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। इस प्रक्रिया में केवल वाणिज्यिक जहाज और ईरान के साथ सहयोग करने वाले पक्ष ही लाभान्वित होंगे।’ अजीजी के अनुसार, तथाकथित ‘फ्रीडम प्रोजेक्ट’ से जुड़े संचालनकर्ताओं के लिए यह मार्ग बंद रहेगा।

क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विमान बड़ी मात्रा में हथियार लेकर इजरायल पहुँचे हैं और इजरायली सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है — वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुज़रता है।

वैश्विक व्यापार पर संभावित असर

होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल गुज़रता है, और नई अनुमति प्रणाली तथा शुल्क-आधारित व्यवस्था से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और तेल आयातक देशों की लागत पर असर पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से ही अस्थिर है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह नया तंत्र पूरी तरह लागू हुआ, तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

आगे क्या होगा

ईरान ने इस तंत्र का पूरा विवरण जल्द सार्वजनिक करने का वादा किया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय और प्रमुख तेल आयातक देशों की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अन्य देश इस नई व्यवस्था को मान्यता देते हैं या इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन मानते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें भारत भी शामिल है, इस व्यवस्था को चुनौती देंगे या चुपचाप मान लेंगे।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) क्या है?
PGSA ईरान द्वारा 18 मई 2025 को घोषित एक नया समुद्री निकाय है जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुज़रने वाले जहाजों की रियल-टाइम निगरानी करेगा और संचालन-सूचनाएँ जारी करेगा। यह संस्था नई ट्रांजिट अनुमति प्रणाली और शुल्क-संग्रह की भी ज़िम्मेदारी संभालेगी।
ईरान की नई होर्मुज व्यवस्था से किन जहाजों पर असर पड़ेगा?
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, केवल वाणिज्यिक जहाज और ईरान के साथ सहयोग करने वाले पक्ष ही इस मार्ग का लाभ उठा सकेंगे। तथाकथित 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' से जुड़े संचालनकर्ताओं के लिए यह जलमार्ग बंद रहेगा।
इब्राहिम अजीजी कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
इब्राहिम अजीजी ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ईरान ने होर्मुज में यातायात प्रबंधन के लिए एक पेशेवर तंत्र तैयार किया है जिसे जल्द सार्वजनिक किया जाएगा और इसमें विशिष्ट सेवाओं के लिए शुल्क भी लिया जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल और LNG व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। इस जलमार्ग पर किसी भी तरह की पाबंदी या नई व्यवस्था का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
यह घोषणा किस भू-राजनीतिक संदर्भ में आई है?
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विमान बड़ी मात्रा में हथियार लेकर इजरायल पहुँचे हैं और इजरायली सेना हाई अलर्ट पर है। इस पृष्ठभूमि में ईरान का यह नया समुद्री नियंत्रण तंत्र क्षेत्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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