केशव प्रसाद मौर्य का जनता दर्शन में कड़ा संदेश: गरीबों के इलाज में देरी नहीं होगी बर्दाश्त
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 18 मई 2026 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास कालिदास मार्ग पर आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। इस कार्यक्रम में इलाज के लिए आर्थिक सहायता, भूमि विवाद, अवैध कब्जे, बिजली, सड़क और जलनिकासी से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से उठाई गईं।
मुख्य घटनाक्रम
जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों की पीड़ा को उपमुख्यमंत्री ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आर्थिक सहायता से संबंधित फाइलों का निपटारा बिना किसी विलंब के किया जाए, ताकि कोई भी निर्धन व्यक्ति धन के अभाव में उचित उपचार से वंचित न रह जाए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
केशव प्रसाद मौर्य ने जिला एवं शासन स्तर के अधिकारियों को फोन और लिखित दोनों माध्यमों से निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है — शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। भूमि विवाद और पैमाइश के मामलों में उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करने और पीड़ित को न्याय दिलाने का निर्देश दिया।
विभागवार आदेश
बिजली विभाग को ओवरबिलिंग, जर्जर तारों और खराब व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। राजस्व विभाग को भूमि विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
आगे क्या
जनता दर्शन कार्यक्रम के समापन के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए बांदा जनपद के लिए रवाना हो गए। यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर जनसमस्याओं के निपटारे को लेकर दबाव बनाए रखने की नीति पर चल रही है।