केशव प्रसाद मौर्य के जनता दर्शन में सैकड़ों फरियादी, आवास-इलाज से अतिक्रमण तक तत्काल कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार, 15 जून को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं सुनीं। आवास, इलाज, अतिक्रमण और अवैध निर्माण सहित दर्जनों मामलों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल और नियमसम्मत कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्य घटनाक्रम
जनता दर्शन में पानी, सड़क, नाली, चकमार्ग, पुलिस संबंधी विवाद, अतिक्रमण और अवैध निर्माण से जुड़ी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं। उपमुख्यमंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आवास और इलाज के मामले
मुरादाबाद की लज्जा देवी और सीतापुर के हीरा लाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग रखी। मौर्य ने अधिकारियों को पात्रता की जांच कर नियमानुसार शीघ्र आवास आवंटित करने के निर्देश दिए।
अंबेडकरनगर की प्रियंका ने अपने पति के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की, जबकि बालामऊ के अवधेश कुमार ने गंभीर बीमारी के उपचार हेतु मदद माँगी। उपमुख्यमंत्री ने दोनों मामलों को प्राथमिकता पर लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को संदेश
जनता दर्शन में मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को स्वयं को जनसेवक मानकर काम करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनना और उनका समयबद्ध समाधान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार की प्रतिबद्धता
मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार हर नागरिक के सुख-दुख में सहभागी है और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार जमीनी स्तर पर शासन की पहुंच को मजबूत करने पर जोर दे रही है। गौरतलब है कि जनता दर्शन जैसे कार्यक्रम प्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा हैं जिसके तहत जनप्रतिनिधि सीधे नागरिकों से संवाद करते हैं। शिकायतों के निपटारे की स्थिति पर नज़र रखी जाएगी और लंबित मामलों में अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी।