होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नया यातायात नियंत्रण तंत्र, 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' के जहाज़ों को रोका जाएगा
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने 16 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा की कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज़ों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक नया पेशेवर तंत्र तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। इस तंत्र के तहत केवल उन्हीं वाणिज्यिक जहाज़ों को लाभ मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे, जबकि तथाकथित 'फ्रीडम प्रोजेक्ट' से जुड़े जहाज़ों के लिए यह मार्ग बंद रहेगा।
नए तंत्र में क्या है खास
अजीजी ने एक्स पर लिखा, 'ईरान ने अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुरक्षा की गारंटी के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यातायात प्रबंधन के लिए एक पेशेवर तंत्र तैयार किया है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। इस प्रक्रिया में केवल वाणिज्यिक जहाज और ईरान के साथ सहयोग करने वाले पक्ष ही लाभान्वित होंगे।' उनके अनुसार, इस तंत्र के अंतर्गत विशिष्ट सेवाओं के लिए आवश्यक शुल्क भी वसूला जाएगा।
यह प्रस्तावित व्यवस्था तीन स्तंभों पर टिकी है — एक निर्धारित मार्ग से जहाज़ों को अनुमति, विशेष सेवाओं पर शुल्क, और ईरान के साथ सहयोग न करने वाले जहाज़ों पर प्रतिबंध। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% समुद्री तेल व्यापार गुज़रता है, जो इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सबसे संवेदनशील कड़ियों में से एक बनाता है।
कुवैत और यूएई को कड़ी चेतावनी
इसी बीच, ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को कड़ी चेतावनी दी। मोखबर ने कहा, 'ईरान ने लंबे समय तक उन्हें दोस्त और भाई माना, लेकिन अब उन्होंने अपनी आज़ादी तक बेच दी है और अपने देश की ज़मीन दुश्मनों को इस्तेमाल करने दी है।'
मोखबर ने यह भी कहा कि ईरान ने अब तक संयम बरता है, लेकिन यह स्थायी नहीं है। उन्होंने हालिया सैन्य संघर्ष का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि ईरान ने जिन ठिकानों को निशाना बनाया, वे अमेरिकी ठिकाने थे और ईरान ने उस दौरान पूरी ताकत से जवाब नहीं दिया था।
वैश्विक व्यापार पर संभावित असर
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता को लेकर कूटनीतिक दबाव चरम पर है। यदि ईरान का यह तंत्र लागू होता है, तो वैश्विक शिपिंग कंपनियों और तेल आयातक देशों को अपने मार्गों और अनुपालन नीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से बीमा प्रीमियम और माल ढुलाई दरों पर भी असर पड़ सकता है।
यह Nवीं ऐसी घटना है जब ईरान ने होर्मुज को कूटनीतिक दबाव के औज़ार के रूप में इस्तेमाल करने के संकेत दिए हैं — 2019 में भी ईरान ने इस जलमार्ग को बंद करने की धमकी दी थी, जिससे तेल बाज़ारों में भारी उथल-पुथल मची थी।
आगे क्या होगा
अजीजी के अनुसार, इस तंत्र का विस्तृत खाका जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और शिपिंग उद्योग की नज़रें अब इस घोषणा के ब्यौरे पर टिकी हैं। यदि यह प्रणाली लागू हुई, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत खुले समुद्री मार्गों की अवधारणा को सीधी चुनौती देगी।