होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षा: पीट हेगसेथ बोले — दुनिया को हमसे ज़्यादा इस जलमार्ग की ज़रूरत, सहयोगी देश उठाएँ ज़िम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने मंगलवार, 5 मई 2026 को स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट की समुद्री सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अमेरिका के सहयोगी देशों को भी उठानी होगी, क्योंकि यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अमेरिका से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका फिलहाल इस क्षेत्र में नए मिशन का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह ज़िम्मेदारी साझेदार देशों को सौंपी जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
हेगसेथ ने वॉशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "इस जलमार्ग की ज़रूरत दुनिया को हमसे ज़्यादा है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के साझेदार देशों को अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रहा है, परंतु उनके आगे आने का इंतज़ार किए बिना अमेरिका अपना काम जारी रखेगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नामक अभियान चला रहा है, जिसका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना है। पिछले कुछ हफ्तों में ईरान की ओर से हमलों और रुकावटों की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
ईरान का खतरा और सैन्य तैनाती
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एयर फोर्स जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान ने हाल के समय में कई बार व्यापारिक जहाजों को धमकी दी है और उन पर हमले किए हैं, ताकि समुद्री व्यापार को बाधित किया जा सके और वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस जलमार्ग पर दबाव बना हुआ है और ईरान की ओर से छोटे स्तर के हमले जारी हैं, हालाँकि अधिकारियों के अनुसार अभी यह बड़े सशस्त्र संघर्ष की स्थिति तक नहीं पहुँचा है।
अमेरिका ने इस क्षेत्र में 15,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं, साथ ही नौसेना के युद्धपोत और हवाई संसाधन भी लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक दो अमेरिकी ध्वज वाले व्यापारिक जहाज इस मार्ग से सुरक्षित गुजर चुके हैं और शिपिंग कंपनियों का भरोसा धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल परिवहन का एक बड़ा हिस्सा संभालता है और यह उन सभी देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो ऊर्जा आपूर्ति के लिए आयात पर निर्भर हैं। यह ऐसे समय में और भी संवेदनशील हो गया है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।
सहयोगी देशों की भूमिका
हेगसेथ ने दोहराया कि यह मिशन अस्थायी प्रकृति का है और अमेरिका का दीर्घकालिक लक्ष्य यह है कि जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देश धीरे-धीरे इस जलमार्ग की सुरक्षा की साझा ज़िम्मेदारी लें। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान अमेरिका की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह अपने सहयोगियों पर रक्षा खर्च और ज़िम्मेदारी बढ़ाने का दबाव डाल रहा है।
आगे की राह
आने वाले दिनों में और अधिक व्यापारिक जहाजों के इस मार्ग से गुजरने की उम्मीद है। यदि सहयोगी देश अपेक्षित भूमिका नहीं निभाते, तो अमेरिका पर इस क्षेत्र में दीर्घकालिक सैन्य उपस्थिति बनाए रखने का दबाव बढ़ सकता है — जो घरेलू राजनीति और रक्षा बजट दोनों के लिए एक बड़ा सवाल बनेगा।