होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम': युद्धपोत तैनात, 22,500 नाविकों की सुरक्षा का मिशन
सारांश
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' लॉन्च किया — 15,000 सैनिक, 100 विमान और युद्धपोत तैनात। दुनिया के कुल तेल उपभोग का पाँचवाँ हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। 1,550 जहाजों पर सवार 22,500 नाविक फंसे हैं — और वाशिंगटन ने साफ कह दिया है कि किसी भी हमले का जवाब 'विनाशकारी' होगा।
मुख्य बातें
अमेरिका ने 5 मई 2026 को होर्मुज स्ट्रेट पर ' प्रोजेक्ट फ्रीडम ' सैन्य मिशन शुरू किया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर 15,000 से अधिक सैनिक , 100+ विमान और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर तैनात।
1,550 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों पर सवार 22,500 से ज्यादा नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
जनरल डैन केन के अनुसार ईरान ने पिछले सात हफ्तों में कई बार जहाजों को धमकाया, दो कंटेनर जहाज़ जब्त किए और अमेरिकी बलों पर 10 से अधिक बार हमले किए।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के कुल तेल उपभोग का लगभग पाँचवाँ हिस्सा संभालता है।
हेगसेथ ने चेतावनी दी कि किसी भी हमले का जवाब 'भारी और विनाशकारी' अमेरिकी कार्रवाई से दिया जाएगा।
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने 5 मई 2026 को घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नामक सैन्य मिशन शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान की कथित नाकेबंदी को तोड़कर वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू इस अभियान में 15,000 से अधिक सैनिक, गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर जहाज़, हेलीकॉप्टर और 100 से ज्यादा विमान तैनात किए गए हैं।
मिशन का स्वरूप और दायरा
हेगसेथ ने इस मिशन को रक्षात्मक, सीमित दायरे वाला और अस्थायी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना ईरान के जलक्षेत्र या हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेगी। उनके शब्दों में,
संपादकीय दृष्टिकोण
व्हाइट और ब्लू सुरक्षा कवच' — स्पष्ट रूप से घरेलू राजनीतिक संदेश देती है, लेकिन असली परीक्षा परिचालन स्तर पर होगी। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता की पृष्ठभूमि में यह सैन्य तैनाती कूटनीतिक दबाव और सैन्य जोखिम दोनों को एक साथ बढ़ाती है। गौरतलब है कि हेगसेथ ने खुद कहा कि 'सीजफायर अभी खत्म नहीं हुआ' — यह स्वीकारोक्ति बताती है कि स्थिति कितनी नाज़ुक है। सहयोगी देशों को जिम्मेदारी सौंपने की अपील यह भी संकेत देती है कि वाशिंगटन दीर्घकालिक एकतरफा तैनाती से बचना चाहता है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' मिशन क्या है?
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' अमेरिका का वह सैन्य अभियान है जो 5 मई 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर होर्मुज स्ट्रेट में शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य ईरान की कथित नाकेबंदी को तोड़कर वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाना है।
होर्मुज स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के कुल तेल उपभोग का लगभग पाँचवाँ हिस्सा संभालता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग है। इस रास्ते के बाधित होने से वैश्विक तेल बाज़ारों पर तत्काल और गंभीर असर पड़ सकता है।
इस क्षेत्र में कितने नाविक और जहाज़ फंसे हैं?
पेंटागन के अनुसार, 1,550 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों पर सवार 22,500 से ज्यादा नाविक होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में फंसे हुए हैं। दो अमेरिकी झंडे वाले व्यापारिक जहाज अमेरिकी युद्धपोतों की सुरक्षा में इस रास्ते से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।
ईरान ने हाल ही में क्या कार्रवाइयाँ की हैं?
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के अनुसार, ईरान ने पिछले सात हफ्तों में कई बार वाणिज्यिक जहाजों को धमकाया और हमला किया है। युद्धविराम के बाद भी नौ बार गोलीबारी, दो कंटेनर जहाज़ जब्त और अमेरिकी बलों पर दस से ज्यादा हमले किए गए हैं।
क्या यह मिशन ईरान के साथ युद्ध की ओर ले जा सकता है?
युद्ध सचिव हेगसेथ ने इसे रक्षात्मक और सीमित दायरे वाला मिशन बताया है तथा कहा है कि अमेरिकी सेना ईरान के जलक्षेत्र या हवाई क्षेत्र में नहीं जाएगी। हालाँकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी हमले का जवाब 'भारी और विनाशकारी' अमेरिकी कार्रवाई से दिया जाएगा।