पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर रोक के लिए ट्रंप का जताया आभार
सारांश
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर ट्रंप का ब्रेक — और पाकिस्तान की कूटनीतिक छाप। शहबाज शरीफ ने ट्रंप की सराहना करते हुए इस्लामाबाद की मध्यस्थ भूमिका को रेखांकित किया। होर्मुज में 87 देशों के जहाज फंसे हैं और 15,000 अमेरिकी सैनिक तैनात थे — अब वार्ता की परीक्षा शुरू होती है।
मुख्य बातें
पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने 6 मई 2025 को X पर पोस्ट कर डोनाल्ड ट्रंप के साहसी नेतृत्व की सराहना की।
ट्रंप ने पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को अस्थायी रूप से रोका।
अभियान में 15,000 सैनिक , 100 से अधिक विमान और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर तैनात थे।
87 देशों के जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं।
ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी दबाव और नाकाबंदी जारी रहेगी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 6 मई 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले की सराहना की, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सैन्य अभियान 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर अस्थायी रोक लगाने की घोषणा की। इस्लामाबाद ने इस कदम को साहसिक बताते हुए कहा कि वह अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव चरम पर है और 87 देशों के जहाज इस इलाके में फंसे हुए हैं।
शहबाज शरीफ का बयान
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए ट्रंप के
संपादकीय दृष्टिकोण
वही अब होर्मुज संकट में 'शांतिदूत' की भूमिका में है। ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' रोकना ईरान वार्ता की वास्तविक प्रगति का संकेत हो सकता है, या फिर घरेलू राजनीतिक दबाव से बचने की रणनीति — यह स्पष्ट नहीं है। होर्मुज पर नाकाबंदी जारी रहने की बात बताती है कि यह विराम पूर्ण वापसी नहीं, बल्कि एक सामरिक ठहराव है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' क्या है?
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' एक अमेरिकी सैन्य अभियान था जो सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिलाने के लिए शुरू किया गया था। इसमें 15,000 सैनिक, 100 से अधिक विमान और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर तैनात किए गए थे।
ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' पर रोक क्यों लगाई?
ट्रंप ने पाकिस्तान समेत अन्य देशों के अनुरोध और ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता में प्रगति को देखते हुए यह अस्थायी रोक लगाई। हालाँकि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी दबाव और नाकाबंदी जारी रहेगी।
पाकिस्तान की इसमें क्या भूमिका है?
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। PM शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान संवाद और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अभी कितने देशों के जहाज फंसे हैं?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार 87 देशों के जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं। अमेरिका ने कई शिपिंग कंपनियों से संपर्क कर आवाजाही बहाल कराने की कोशिश की थी।
क्या 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' दोबारा शुरू हो सकता है?
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह रोक अस्थायी है और ईरान के साथ अंतिम समझौते की संभावना देखने के लिए लगाई गई है। यदि वार्ता विफल होती है तो अभियान फिर से सक्रिय हो सकता है।