अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता का प्रारूप अभी भी अनिश्चित, अलग-अलग कमरों में हो सकती है चर्चा

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अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता का प्रारूप अभी भी अनिश्चित, अलग-अलग कमरों में हो सकती है चर्चा

सारांश

अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँच चुके हैं, जहां वे सीजफायर पर चर्चा करेंगे। हालांकि, बातचीत का प्रारूप अभी तक तय नहीं है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है।

Key Takeaways

  • अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता शुरू हुई है।
  • वार्ता का फॉर्मेट अभी तक तय नहीं है।
  • ईरानी प्रतिनिधिमंडल में ७१ सदस्य शामिल हैं।
  • बातचीत अलग-अलग कमरों में हो सकती है।
  • ईरान ने यूरेनियम संवर्धन जारी रखने का इरादा जताया है।

नई दिल्ली, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर बातचीत के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँच चुके हैं। ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरानी टीम आज दोपहर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ से मुलाकात करेगी।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल में ७१ सदस्य शामिल हैं, जो शुक्रवार रात पाकिस्तान पहुँचे। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का फॉर्मेट अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है।

बातचीत के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें आमने-सामने बातचीत और अलग-अलग कमरों में चर्चा, दोनों शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने दोनों स्थितियों के लिए तैयारी कर ली है। इस्लामाबाद या तो सीधी बातचीत कराने के लिए तैयार है या अलग-अलग स्थानों पर प्रतिनिधियों के लिए व्यवस्था करके उनके बीच संदेश पहुँचाने के लिए भी तैयार है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरानी प्रतिनिधिमंडल एक ही होटल में रुकने की संभावना है, लेकिन वे आमने-सामने बातचीत नहीं करेंगे। इसके बजाय, वे अलग-अलग कमरों में रहेंगे और पाकिस्तानी अधिकारी उनके बीच संदेश पहुँचाएंगे।

इस बीच, दोनों पक्षों के नेताओं के बयान भी अलग-अलग आ रहे हैं। एक ओर, ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपने प्रभाव को बनाए रखना चाहता है और यूरेनियम संवर्धन नहीं छोड़ना चाहता है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस समझौते में ९९%25 हिस्सा ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए।

होर्मुज संकट पर ट्रंप ने कहा है कि स्ट्रेट को किसी भी कीमत पर खोला जाएगा, चाहे ईरान इसके समर्थन में हो या नहीं। दूसरी तरफ, तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, जब गालिबफ इस्लामाबाद पहुँचे तो उन्होंने सतर्कता का रुख अपनाया और कहा कि ईरान अच्छे इरादों के साथ बातचीत में भाग ले रहा है, लेकिन भरोसे के बिना।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि पिछले राउंड की बातचीत को ठोस परिणाम देने में असफल रही है। दुर्भाग्य से, अमेरिका के साथ बातचीत का हमारा अनुभव हमेशा नाकामी और अनुबंध के उल्लंघन वाला रहा है।

तेहरान की स्थिति का वर्णन करते हुए गालिबफ ने कहा कि कोई भी समझौता अमेरिका के दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, "यदि अमेरिकी पक्ष एक वास्तविक समझौता करने और ईरानी लोगों के अधिकारों को मान्यता देने के लिए तैयार है, तो वे समझौता करने के लिए हमारी तत्परता भी देखेंगे।"

उन्होंने कूटनीतिक प्रयासों में बेईमानी के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा कि यदि बातचीत का उपयोग बिना किसी वास्तविक इरादे वाले कार्यों को छिपाने के लिए किया गया, तो ईरान इसका कड़ा जवाब देगा।

Point of View

जिससे बातचीत की प्रगति में बाधा उत्पन्न हो रही है। यह एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे ध्यानपूर्वक देखने की आवश्यकता है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता कब शुरू हुई?
वार्ता ११ अप्रैल को शुरू हुई, जब दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँचे।
क्या अमेरिका और ईरान आमने-सामने बातचीत करेंगे?
नहीं, रिपोर्ट के अनुसार, वे अलग-अलग कमरों में रहेंगे और पाकिस्तानी अधिकारी उनके बीच संदेश पहुँचाएंगे।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में कितने सदस्य हैं?
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में कुल ७१ सदस्य शामिल हैं।
क्या ईरान ने यूरेनियम संवर्धन जारी रखने का इरादा जताया है?
हाँ, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना दबदबा बनाए रखते हुए यूरेनियम संवर्धन जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की क्या राय है?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस समझौते में 99%25 हिस्सा ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए।
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