आईपीएल 2026: अजिंक्य रहाणे की 11 पारियों में अर्धशतक नहीं, केकेआर का प्लेऑफ सपना टूटा
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान अजिंक्य रहाणे का आईपीएल 2026 सीजन बल्लेबाज और नेतृत्वकर्ता — दोनों भूमिकाओं में बेहद निराशाजनक रहा है। 16 मई 2026 तक 12 मैचों की 12 पारियों में रहाणे केवल 251 रन बना सके हैं, और पहले मैच के बाद से लगातार 11 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं आया। केकेआर की प्लेऑफ में पहुँचने की संभावना अब लगभग समाप्त हो चुकी है।
धमाकेदार शुरुआत, फिर लंबा सूखा
रहाणे ने सीजन की शुरुआत उम्मीद जगाने वाले अंदाज में की थी। मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने 40 गेंदों पर 5 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 67 रन की पारी खेली, जो उनकी आक्रामक लय का प्रमाण था। उस पारी को देखकर लगा कि रहाणे इस सीजन में बड़े इरादे के साथ उतरे हैं।
लेकिन वह पारी अब तक सीजन की उनकी इकलौती बड़ी पारी साबित हुई है। MI वाले मैच के बाद की 11 पारियों में रहाणे का सर्वाधिक स्कोर केवल 43 रन रहा है। इस दौरान वह 2 बार शून्य पर आउट हुए और 2 बार दोहरे अंक में भी नहीं पहुँच सके। इन 11 पारियों में उनका कुल योगदान मात्र 184 रन रहा।
गुजरात टाइटंस के खिलाफ भी निराशा
शनिवार को गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ भी रहाणे का बल्ला नहीं चला। उन्होंने 14 गेंदों पर केवल 14 रन बनाए और पवेलियन लौट गए। यह प्रदर्शन उनके चल रहे संघर्ष की एक और कड़ी बन गया।
कप्तानी के फैसलों पर सवाल
रहाणे की विफलता केवल बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रही — कप्तान के रूप में उनके कुछ फैसलों ने भी टीम को नुकसान पहुँचाया। आलोचकों का कहना है कि रहाणे को पारी की शुरुआत खुद करने की बजाय किसी और बल्लेबाज को ऊपर भेजना चाहिए था। फिल साइफर्ट और सुनील नरेन जैसे आक्रामक बल्लेबाज टीम को ठोस शुरुआत दिला सकते थे, जिससे केकेआर की स्थिति बेहतर होती। रहाणे ने ऐसा नहीं किया और परिणामस्वरूप टीम को बार-बार कमज़ोर शुरुआत मिली।
केकेआर के लिए क्या बचा है
सीजन में केवल 2 मैच शेष हैं और केकेआर का प्लेऑफ में पहुँचना लगभग असंभव हो चुका है। रहाणे का यह प्रदर्शन न केवल इस सीजन बल्कि उनके आईपीएल करियर के भविष्य के लिए भी चिंता का विषय है। गौरतलब है कि रहाणे भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, इसलिए इस स्तर पर उनका यह संघर्ष और भी चौंकाने वाला है। देखना होगा कि बचे हुए मैचों में वह अपनी और टीम की लाज बचा पाते हैं या नहीं।