नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: पुणे की शिक्षिका मनीषा मांधरे गिरफ्तार, कुलकर्णी-वाघमारे 10 दिन की CBI हिरासत में

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: पुणे की शिक्षिका मनीषा मांधरे गिरफ्तार, कुलकर्णी-वाघमारे 10 दिन की CBI हिरासत में

सारांश

पुणे के मॉडर्न कॉलेज की 24 साल की अनुभवी शिक्षिका की गिरफ्तारी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक घोटाले को एक नया और चौंकाने वाला मोड़ दे दिया है। CBI ने मुख्य साजिशकर्ता कुलकर्णी समेत दो आरोपियों को 10 दिन की हिरासत में लिया है, जबकि 22-24 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटका है।

मुख्य बातें

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक में CBI ने पुणे के मॉडर्न कॉलेज की वरिष्ठ जीवविज्ञान शिक्षिका मनीषा मांधरे को गिरफ्तार किया।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्य साजिशकर्ता पी.वी.
कुलकर्णी और सहयोगी मनीषा वाघमारे को 10 दिनों की CBI हिरासत में भेजा।
मॉडर्न कॉलेज की प्रिंसिपल निवेदिता एकबोटे ने कहा कि मांधरे 24 वर्षों से कॉलेज में पढ़ा रही थीं और उनकी गिरफ्तारी से 'गहरा सदमा' लगा।
कांग्रेस सांसद शिवाजी कालगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की।
महाराष्ट्र के लातूर में एनएसयूआई व युवा कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

नई दिल्ली, 16 मई 2026: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई तेज़ हो गई है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता पी.वी. कुलकर्णी और उनकी कथित सहयोगी मनीषा वाघमारे को 10 दिनों की CBI हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूरे गिरोह के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इसी मामले में पुणे के मॉडर्न कॉलेज की वरिष्ठ जीवविज्ञान शिक्षिका मनीषा मांधरे की गिरफ्तारी ने शिक्षा जगत में गहरी हलचल मचा दी है।

मुख्य गिरफ्तारियाँ और अदालती कार्रवाई

CBI ने इस घोटाले में अब तक कई गिरफ्तारियाँ की हैं। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पी.वी. कुलकर्णी — जिन्हें जाँचकर्ता इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड मानते हैं — और मनीषा वाघमारे को न्यायिक हिरासत की जगह CBI रिमांड पर भेजा। सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से परीक्षा पेपर लीक करने में सक्रिय था और इसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।

कॉलेज प्रिंसिपल की प्रतिक्रिया

मॉडर्न कॉलेज की प्रिंसिपल निवेदिता एकबोटे ने कहा, 'मनीषा मांधरे पिछले 24 साल से हमारे जूनियर कॉलेज में कार्यरत हैं। हमने सबसे पहले मीडिया में उनका नाम सुना। CBI के आधिकारिक बयान के बाद हमें बहुत बुरा लगा। नैतिक और चारित्रिक दोनों दृष्टि से हम हैरान हैं। पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे पर है, इसलिए हमारे कॉलेज की शिक्षिका का नाम आने से गहरा सदमा लगा है।' उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से पूरे शिक्षण समुदाय को झटका लगा है।

राजनीतिक विरोध और माँगें

महाराष्ट्र के लातूर में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक घोटाले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों छात्र और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।

कांग्रेस सांसद शिवाजी कालगे ने कहा, '22 से 24 लाख छात्रों ने मेहनत से परीक्षा दी। माता-पिता दिन-रात मेहनत करते हैं। शिक्षक कड़ी मेहनत करते हैं। कुछ भ्रष्ट लोगों को बचाने के चक्कर में सरकार ने पूरे देश के छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। हम पूछना चाहते हैं कि इन लाखों छात्रों की क्या गलती है?' कालगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग भी की।

परीक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

गौरतलब है कि नीट परीक्षा विवाद यह पहली बार नहीं है — 2024 में भी नीट-यूजी पेपर लीक का मामला सामने आया था, जिसने लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर पहले से ही गहरी चिंताएँ हैं। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा तंत्र में संरचनात्मक सुधार के बिना महज गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं हैं।

आगे क्या होगा

CBI पी.वी. कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे से 10 दिन की हिरासत में पूछताछ कर गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान करने की कोशिश करेगी। सरकार पर दबाव है कि वह 22-24 लाख प्रभावित छात्रों के भविष्य को लेकर स्पष्ट रोडमैप पेश करे। मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि परीक्षा दोबारा होगी या नहीं। जब तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के ढाँचे में पारदर्शी और जवाबदेह सुधार नहीं होते, तब तक ऐसी गिरफ्तारियाँ लक्षण का इलाज हैं, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अब तक क्या हुआ है?
CBI ने इस मामले में कई गिरफ्तारियाँ की हैं, जिनमें पुणे की शिक्षिका मनीषा मांधरे शामिल हैं। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्य साजिशकर्ता पी.वी. कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे को 10 दिनों की CBI हिरासत में भेजा है।
मनीषा मांधरे कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
मनीषा मांधरे पुणे के मॉडर्न कॉलेज में 24 वर्षों से वरिष्ठ जीवविज्ञान शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। CBI ने उन्हें नीट-यूजी 2026 पेपर लीक घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है।
इस घोटाले का छात्रों पर क्या असर पड़ा है?
कांग्रेस सांसद शिवाजी कालगे के अनुसार, 22 से 24 लाख छात्रों ने नीट-यूजी 2026 की परीक्षा दी थी, जिनका भविष्य इस घोटाले के कारण अनिश्चितता में है। परीक्षा दोबारा होगी या नहीं, इस पर सरकार ने अभी कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
विपक्ष ने इस मामले में क्या माँग की है?
कांग्रेस सांसद शिवाजी कालगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की है। उन्होंने निष्पक्ष जाँच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
पी.वी. कुलकर्णी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
CBI के अनुसार, पी.वी. कुलकर्णी इस पेपर लीक घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। सूत्रों के अनुसार, उनका गिरोह लंबे समय से परीक्षा पेपर लीक करने में सक्रिय था और उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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