नीट यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने लातूर के केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को किया गिरफ्तार, पुणे कोचिंग में हुआ था लीक
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 16 मई को महाराष्ट्र के लातूर से केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, कुलकर्णी इस पूरे रैकेट के कथित मास्टरमाइंड हैं और उन्होंने पुणे स्थित अपने घर पर चुनिंदा छात्रों को परीक्षा से पहले असली प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते सवाल डिक्टेट किए थे। इस गिरफ्तारी के साथ इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 8 हो गई है।
कैसे हुआ पर्दाफाश
इस पूरे घोटाले का भंडाफोड़ तब हुआ जब लातूर में कुछ अभिभावकों ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि एक कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट में पूछे गए 42 सवाल 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 की वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते थे। स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा गया।
कुलकर्णी की भूमिका और एनटीए से संबंध
सीबीआई के अनुसार, पीवी कुलकर्णी लंबे समय से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे और कथित तौर पर उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी। जांच एजेंसी का दावा है कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कुलकर्णी ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से चुनिंदा छात्रों को जुटाया। इन छात्रों को पुणे स्थित कुलकर्णी के आवास पर आयोजित विशेष कोचिंग क्लास में सवाल, उनके विकल्प और सही उत्तर डिक्टेट किए गए, जिन्हें छात्रों ने अपनी नोटबुक में दर्ज किया।
गौरतलब है कि मनीषा वाघमारे को सीबीआई ने 14 मई को ही गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल कुलकर्णी को ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ले जाया गया है, जहां से उन्हें दिल्ली लाया जाएगा।
अब तक की गिरफ्तारियां और छापेमारी
सीबीआई ने बताया कि कुलकर्णी से पहले जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। इनमें से 5 आरोपी पहले ही 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजे जा चुके हैं, जबकि दो अन्य को ट्रांजिट रिमांड के बाद दिल्ली लाया जाएगा।
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन सभी की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच जारी है।
आम जनता और परीक्षार्थियों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्ष भी नीट परीक्षा विवादों में घिरी रही थी और छात्रों व अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा पहले से हिला हुआ है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में धांधली के आरोप न केवल प्रभावित छात्रों के लिए, बल्कि पूरी चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
आगे क्या होगा
सीबीआई की जांच अभी जारी है और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले में एनटीए की आंतरिक प्रक्रियाओं और प्रश्नपत्र सुरक्षा तंत्र पर भी जांच की नज़र है।