नीट पेपर लीक: नासिक से आरोपी गिरफ्तार, नकली पहचान और बदले हुलिए से दे रहा था पुलिस को चकमा
सारांश
मुख्य बातें
नासिक क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने 12 मई को नीट पेपर लीक मामले में एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया, जो नकली पहचान और बदले हुलिए की आड़ में जांच एजेंसियों को लंबे समय से चकमा दे रहा था। यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस के अनुरोध पर हुई और नासिक के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने पुष्टि की कि राजस्थान पुलिस की एक टीम शीघ्र ही आरोपी को आगे की जांच के लिए अपने साथ ले जाएगी।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस को आरोपी की सूचना रात करीब 9:15 बजे मिली, जिसके बाद तकनीकी इनपुट, मोबाइल लोकेशन और फोटो के आधार पर उसकी पहचान की गई। क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के समन्वय से आरोपी को उस समय पकड़ा जब वह देवदर्शन के लिए जा रहा था।
आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बाल कटवा लिए थे, कपड़े बदल लिए थे और अपना संपूर्ण लुक बदल लिया था। इसके अलावा उसने नकली पहचान का सहारा लेकर जांच एजेंसियों को भ्रमित करने की कोशिश की थी।
आरोपी का नेटवर्क और पृष्ठभूमि
जांच में सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से नंदगांव का निवासी है और उसकी गतिविधियाँ हरियाणा, केरल और तमिलनाडु तक फैली हुई थीं। पुलिस के अनुसार, पेपर लीक नेटवर्क का संबंध कई राज्यों से हो सकता है, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है।
गौरतलब है कि यह मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है — जांच एजेंसियों को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर और पुणे से भी अहम जानकारियाँ मिली हैं।
देशभर में गिरफ्तारियों का आँकड़ा
सूत्रों के मुताबिक, नीट पेपर लीक मामले में देशभर में अब तक कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया अभी भी जारी है। महाराष्ट्र में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से एक को इंदिरानगर इलाके से पकड़ा गया।
सीबीआई और राजस्थान पुलिस का समन्वय
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में सीबीआई और राजस्थान पुलिस दोनों स्तर पर सूचनाएँ साझा कर रही हैं। राजस्थान पुलिस को आरोपी की कस्टडी लेने के निर्देश दिए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है और कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
आगे क्या होगा
जांच एजेंसियाँ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की सक्रिय तलाश में जुटी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता पर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं और लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों का भविष्य दाँव पर है। मामले की जांच लगातार जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।