नीट 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने जयपुर में एसओजी से ली जांच, 15 गिरफ्तार, 120+ सवाल परीक्षा में आए

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नीट 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने जयपुर में एसओजी से ली जांच, 15 गिरफ्तार, 120+ सवाल परीक्षा में आए

सारांश

नीट 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जयपुर में एसओजी से जांच अपने हाथ में ले ली है। 15 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और दावा है कि 120 से अधिक सवाल परीक्षा में आए। केरल से चुरू तक फैले नेटवर्क ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप के ज़रिये पेपर फैलाया।

मुख्य बातें

सीबीआई ने नीट 2026 पेपर लीक मामले की जांच जयपुर में राजस्थान एसओजी से अपने हाथ में ली।
एसओजी ने जयपुर, जमवारामगढ़, सीकर और अन्य ज़िलों में छापेमारी कर करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया।
लीक हुए गेस पेपर में से 120 से अधिक प्रश्न असली परीक्षा में आए; कुल 720 में से लगभग 600 अंकों के सवाल शामिल थे।
केरल में पढ़ रहे चुरू के एक एमबीबीएस छात्र ने पहले यह पेपर भेजा; टेलीग्राम और व्हाट्सएप से नेटवर्क फैला।
सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।
गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया जा सकता है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2026 पेपर लीक मामले की जांच आधिकारिक रूप से अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई की एक टीम मंगलवार देर शाम जयपुर स्थित स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) मुख्यालय पहुंची, जहाँ राजस्थान एसओजी ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अब तक गिरफ्तार आरोपियों की पूरी जानकारी सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच अब पूरी तरह उसके हाथ में है।

मामले में दर्ज धाराएँ

सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन) एक्ट 2024 की धाराएँ भी जोड़ी गई हैं। यह मामला शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

पेपर लीक का पूरा नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि नीट परीक्षा 3 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की गई थी। परीक्षा से पहले ही गोपनीय दस्तावेज़ अवैध रूप से प्रसारित किए गए थे। जांच के अनुसार, यह 'गेस पेपर' 1 मई को पहली बार सीकर के छात्रों में वितरित किया गया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, केरल में पढ़ाई कर रहे चुरू ज़िले के एक एमबीबीएस छात्र ने यह गेस पेपर सीकर के एक मित्र को भेजा था। वहाँ से यह एक पीजी आवास संचालक के ज़रिये छात्रों तक पहुँचा। जांच में यह भी पता चला है कि उसी पीजी संचालक ने पहले यह प्रश्न बैंक प्राप्त किया और बाद में उसे छात्रों व कोचिंग सलाहकारों को भेज दिया। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के डर से उसने बाद में खुद ही शिकायत दर्ज करा दी।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस पेपर लीक नेटवर्क ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रश्न पत्र फैलाया। सीकर और झुंझुनूं के कई छात्रों को परीक्षा से दो दिन पहले ही यह गेस पेपर मिल गया था।

परीक्षा में कितने सवाल आए

दावा किया जा रहा है कि लीक हुए गेस पेपर में से 120 से अधिक प्रश्न असली परीक्षा में आए। इसके अलावा, कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल उस गेस पेपर में शामिल थे। कई छात्रों ने एनटीए को ईमेल के ज़रिये पेपर लीक की शिकायत भेजी है।

एसओजी की कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ

एसओजी की जांच 8 मई को शुरू हुई थी, जब सीकर और झुंझुनूं से शिकायतें सामने आई थीं। पिछले कुछ दिनों में एसओजी ने जयपुर, जमवारामगढ़, सीकर और अन्य ज़िलों में लगातार छापेमारी कर करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में कई कोचिंग सेंटर भी रडार पर हैं और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

आगे क्या होगा

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को पूरे नेटवर्क की जांच के लिए दिल्ली ले जाया जा सकता है, जहाँ उनसे 'गेस पेपर' तैयार करने, उसके वितरण और छात्रों तक पहुँचने के पूरे तंत्र के बारे में पूछताछ की जाएगी। यह मामला लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित उद्योग बन चुका है। असली सवाल यह है कि एनटीए की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली इतनी बार क्यों विफल होती है — और क्या सीबीआई जांच केवल आरोपियों को पकड़ने तक सीमित रहेगी या संस्थागत खामियों को भी उजागर करेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच क्यों सौंपी गई?
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के बाद और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई। एसओजी ने अपनी प्रारंभिक जांच में 15 लोगों को गिरफ्तार किया था और सभी दस्तावेज़ सीबीआई को सौंप दिए हैं।
नीट 2026 पेपर लीक में कितने सवाल परीक्षा में आए?
जांच एजेंसियों के अनुसार लीक हुए गेस पेपर में से 120 से अधिक प्रश्न असली परीक्षा में आए। कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल उस गेस पेपर में शामिल थे।
नीट 2026 पेपर लीक नेटवर्क कैसे काम करता था?
जांच के अनुसार, केरल में पढ़ रहे चुरू ज़िले के एक एमबीबीएस छात्र ने 1 मई को गेस पेपर सीकर के मित्र को भेजा। वहाँ से एक पीजी आवास संचालक ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिये इसे छात्रों और कोचिंग सलाहकारों तक पहुँचाया।
नीट 2026 पेपर लीक में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
राजस्थान एसओजी ने जयपुर, जमवारामगढ़, सीकर और अन्य ज़िलों में छापेमारी कर करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में कई कोचिंग सेंटर भी रडार पर हैं।
नीट 2026 पेपर लीक मामले में आगे क्या होगा?
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों को पूरे नेटवर्क की जांच के लिए दिल्ली ले जाया जा सकता है। सीबीआई पूरे वितरण तंत्र और कोचिंग सेंटरों की भूमिका की भी जांच करेगी।
राष्ट्र प्रेस