नीट यूजी-2026 पेपर लीक: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 11 जुलाई 2026 को नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी। हिरासत की अवधि समाप्त होने पर सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। यह मामला देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे गंभीर सवालों के केंद्र में है।
आरोपियों का विवरण
इस मामले में न्यायिक हिरासत में रखे गए 13 आरोपियों में यश यादव, मांगी लाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, मनीषा हवलदार, तेजस शाह, मनोज शिरूरे, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, शिवराज मोटेगांवकर और मनीषा मंधारे शामिल हैं। इनमें से अधिकांश का संबंध महाराष्ट्र के कोचिंग नेटवर्क से बताया जा रहा है।
मास्टरमाइंड और साजिश का खुलासा
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसार, रसायन विज्ञान के पूर्व विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी इस पेपर लीक कांड के मुख्य मास्टरमाइंड हैं। कुलकर्णी कई वर्षों तक नीट के प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे और जांच एजेंसियों के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की आंतरिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए पुणे में विशेष कोचिंग कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया।
लातूर में आरसीसी कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर पर आरोप है कि परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही उनके पास प्रश्नपत्र और उत्तर पहुँच गए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, उन्होंने एनटीए पैनल के कुछ सदस्यों, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे के माध्यम से यह सामग्री हासिल की और कथित तौर पर कोचिंग संस्थानों व छात्रों तक पहुँचाई।
सीबीआई जांच की स्थिति
सीबीआई की जांच अभी जारी है। अदालत में सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने बताया कि दो से तीन अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और उनकी जल्द गिरफ्तारी संभव है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर पहले से ही व्यापक बहस छिड़ी हुई है।
परीक्षा रद्द और पुनः आयोजन
नीट यूजी 2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई को देशभर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। पेपर लीक के विवाद सामने आने के बाद एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून को कड़ी सुरक्षा व व्यापक निगरानी के बीच इसे दोबारा आयोजित किया गया। यह Nवीं बार है जब एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे हैं।
आगे क्या होगा
अदालत में अगली सुनवाई 24 जुलाई 2026 को निर्धारित है। सीबीआई के और गिरफ्तारियों के संकेत देने के साथ यह मामला और व्यापक हो सकता है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की भविष्य की संभावनाएँ इस जांच के नतीजों पर टिकी हैं।