11 जुलाई 2026
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नीट यूजी-2026 पेपर लीक: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ाई

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नीट यूजी-2026 पेपर लीक: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ाई

सारांश

नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी है। सीबीआई ने अदालत को बताया कि 2-3 और संदिग्धों की जल्द गिरफ्तारी संभव है, जिससे यह कांड और बड़ा होने के संकेत हैं।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 11 जुलाई 2026 को नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले के सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ाई।
सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
मुख्य मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी एनटीए के प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले पैनल के पूर्व सदस्य थे।
शिवराज मोटेगांवकर के पास परीक्षा से 10 दिन पहले ही प्रश्नपत्र और उत्तर पहुँच गए थे।
सीबीआई ने 2-3 और संदिग्धों की जल्द गिरफ्तारी के संकेत दिए हैं।
नीट यूजी 2026 मूल रूप से 3 मई को हुई थी, लीक के बाद रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित की गई।

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 11 जुलाई 2026 को नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी। हिरासत की अवधि समाप्त होने पर सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। यह मामला देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे गंभीर सवालों के केंद्र में है।

आरोपियों का विवरण

इस मामले में न्यायिक हिरासत में रखे गए 13 आरोपियों में यश यादव, मांगी लाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, मनीषा हवलदार, तेजस शाह, मनोज शिरूरे, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, शिवराज मोटेगांवकर और मनीषा मंधारे शामिल हैं। इनमें से अधिकांश का संबंध महाराष्ट्र के कोचिंग नेटवर्क से बताया जा रहा है।

मास्टरमाइंड और साजिश का खुलासा

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसार, रसायन विज्ञान के पूर्व विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी इस पेपर लीक कांड के मुख्य मास्टरमाइंड हैं। कुलकर्णी कई वर्षों तक नीट के प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहे और जांच एजेंसियों के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की आंतरिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए पुणे में विशेष कोचिंग कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया।

लातूर में आरसीसी कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर पर आरोप है कि परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही उनके पास प्रश्नपत्र और उत्तर पहुँच गए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, उन्होंने एनटीए पैनल के कुछ सदस्यों, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे के माध्यम से यह सामग्री हासिल की और कथित तौर पर कोचिंग संस्थानों व छात्रों तक पहुँचाई।

सीबीआई जांच की स्थिति

सीबीआई की जांच अभी जारी है। अदालत में सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने बताया कि दो से तीन अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और उनकी जल्द गिरफ्तारी संभव है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर पहले से ही व्यापक बहस छिड़ी हुई है।

परीक्षा रद्द और पुनः आयोजन

नीट यूजी 2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई को देशभर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। पेपर लीक के विवाद सामने आने के बाद एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून को कड़ी सुरक्षा व व्यापक निगरानी के बीच इसे दोबारा आयोजित किया गया। यह Nवीं बार है जब एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे हैं।

आगे क्या होगा

अदालत में अगली सुनवाई 24 जुलाई 2026 को निर्धारित है। सीबीआई के और गिरफ्तारियों के संकेत देने के साथ यह मामला और व्यापक हो सकता है। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की भविष्य की संभावनाएँ इस जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एनटीए की भर्ती, निगरानी और प्रश्न-पत्र प्रबंधन प्रणाली में कितनी गहरी सेंध है — और क्या सीबीआई की जांच उस पूरी व्यवस्था तक पहुँचेगी या केवल सामने दिखने वाले चेहरों तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले में अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 11 जुलाई 2026 को सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी। सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया।
नीट पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड कौन है?
सीबीआई के अनुसार, रसायन विज्ञान के पूर्व विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी इस मामले के मुख्य मास्टरमाइंड हैं। वे वर्षों तक नीट के प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले एनटीए पैनल का हिस्सा रहे और उन्होंने इसी पहुँच का दुरुपयोग करते हुए पुणे में कोचिंग कक्षाओं के जरिए छात्रों को पेपर उपलब्ध कराया।
नीट यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई थी?
नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के विवाद सामने आने के बाद एनटीए ने इसे रद्द कर दिया। इसके बाद 21 जून को कड़ी सुरक्षा और व्यापक निगरानी के बीच परीक्षा दोबारा आयोजित की गई।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं और आगे क्या होगा?
सीबीआई अब तक मुख्य मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी सहित 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने संकेत दिया कि 2-3 और संदिग्धों की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है और अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
शिवराज मोटेगांवकर की इस मामले में क्या भूमिका बताई जा रही है?
लातूर में आरसीसी कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर के पास परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही प्रश्नपत्र और उत्तर पहुँच गए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, उन्होंने एनटीए पैनल के सदस्यों और पीवी कुलकर्णी के माध्यम से यह सामग्री हासिल कर कोचिंग संस्थानों व छात्रों तक पहुँचाई।
राष्ट्र प्रेस
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