11 जुलाई 2026
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बिहार विधानसभा में एआई प्रशिक्षण जरूरी: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विधायकों से आह्वान

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बिहार विधानसभा में एआई प्रशिक्षण जरूरी: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विधायकों से आह्वान

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया में विधायकों से साफ कहा — एआई अब भविष्य नहीं, वर्तमान है। बिहार विधानसभा में विशेष प्रशिक्षण सत्र की माँग करते हुए उन्होंने जनप्रतिनिधियों को तकनीक के अनुरूप तैयार होने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 जुलाई को गया स्थित बिपार्ड में विधायकों को संबोधित किया।
बिहार विधानसभा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण और कटौती प्रस्ताव जैसे संसदीय उपकरण जनता की आवाज़ के प्रभावी माध्यम हैं।
बिहार सरकार उद्योग, सुशासन और निवेश को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है; PPP मॉडल से विकास को गति।
करीब 20 वर्ष पहले फेसबुक अपरिचित था — आज एआई उसी तरह का बदलाव ला रहा है: चौधरी।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार, 11 जुलाई को गया स्थित बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) में कहा कि बिहार विधानसभा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि जनप्रतिनिधि नई तकनीक की उपयोगिता को समझ सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और जवाबदेही पर टिकी है।

विधायकों की भूमिका और संसदीय उपकरण

मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि विधायकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने क्षेत्र की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सदन के माध्यम से सरकार तक पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, कटौती प्रस्ताव और अन्य संसदीय उपकरण केवल औपचारिक प्रक्रियाएँ नहीं हैं — ये लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को मजबूती देने के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे विधानसभा के प्रत्येक सत्र का पूरा उपयोग करें।

तकनीकी बदलाव और एआई का महत्व

चौधरी ने बदलते तकनीकी परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले लोग फेसबुक जैसी तकनीकों से परिचित भी नहीं थे, लेकिन आज मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया हर घर तक पहुँच चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल तकनीक का व्यापक विस्तार हुआ है, जिससे शासन व्यवस्था और आम जनजीवन में बड़ा बदलाव आया है।

उन्होंने आगे कहा कि अब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को भी इस तकनीक के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा, ताकि शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।

सुशासन और निवेश पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार उद्योग, सुशासन और निवेश को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से विकास कार्यों को गति दी जा रही है और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब नीचे से ऊपर तक विकास की प्रक्रिया सुदृढ़ होगी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचेगा।

बिपार्ड में प्रशिक्षण का संदर्भ

गया स्थित बिपार्ड में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकारें डिजिटल शासन को लेकर नई नीतियाँ बना रही हैं। गौरतलब है कि देशभर में विधायी संस्थाओं में तकनीकी साक्षरता को लेकर बहस तेज हुई है। बिहार विधानसभा में एआई प्रशिक्षण की यह पहल उस दिशा में एक ठोस कदम हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह सत्र कब, किस रूप में और किस पाठ्यक्रम के साथ आयोजित होगा। देशभर में विधायी संस्थाओं में तकनीकी साक्षरता की बात होती रही है, पर ठोस क्रियान्वयन दुर्लभ रहा है। बिहार जैसे राज्य में जहाँ डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर अभी भी असमान है, वहाँ विधायकों को एआई से परिचित कराना तभी सार्थक होगा जब यह प्रशिक्षण शासन में व्यावहारिक उपयोग से जुड़े — न कि केवल जागरूकता तक सीमित रहे।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में एआई प्रशिक्षण की बात क्यों कही?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ रही है और जनप्रतिनिधियों को इस तकनीक से परिचित होना जरूरी है। उनका मानना है कि एआई की समझ से शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।
यह कार्यक्रम कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह कार्यक्रम 11 जुलाई को गया स्थित बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) में आयोजित हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री ने विधायकों को संबोधित किया।
बिहार विधानसभा में एआई प्रशिक्षण से विधायकों को क्या फायदा होगा?
चौधरी के अनुसार, एआई प्रशिक्षण से विधायक नई तकनीक की उपयोगिता समझ सकेंगे और इसका लाभ शासन को अधिक पारदर्शी बनाने में उठा सकेंगे। इससे जनसमस्याओं को सदन में अधिक प्रभावी ढंग से उठाने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने संसदीय उपकरणों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण और कटौती प्रस्ताव जैसे संसदीय उपकरण केवल औपचारिक प्रक्रियाएँ नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को मजबूती देने के प्रभावी माध्यम हैं। विधायकों को इनका अधिकतम उपयोग करना चाहिए।
बिहार सरकार की विकास प्राथमिकताएँ क्या हैं?
मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार उद्योग, सुशासन और निवेश को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से विकास कार्यों को गति दी जा रही है और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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