गया में बिहार विधायकों का दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम शुरू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 11 जुलाई 2026 को गया जी, बिहार में बिहार विधानसभा सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। बिहार विधानसभा सचिवालय, प्राइड, लोकसभा सचिवालय और बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम विधायकों — विशेषकर नवनिर्वाचित सदस्यों — को संसदीय प्रक्रियाओं और जनप्रतिनिधित्व की बारीकियों से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम का उद्देश्य और संरचना
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य नवनिर्वाचित और अन्य विधायकों को सदन की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि विधायकों को सदन को सुचारू रूप से चलाने और अनुशासन के साथ अपना पक्ष रखने की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों का संसदीय परंपराओं से भली-भाँति परिचित होना अनिवार्य है — यह विचार इस पूरे आयोजन की आत्मा है।
सात तकनीकी सत्रों में होगा प्रशिक्षण
दो दिनों में कुल सात तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ निम्नलिखित विषयों पर व्याख्यान देंगे — संसदीय प्रक्रिया एवं नियम, सदस्यों के अधिकार और कर्तव्य, आचार संहिता, प्रश्नकाल की कार्यप्रणाली, कार्यपालिका की जवाबदेही, आधुनिक तकनीक का उपयोग, विधायी एवं बजट प्रक्रिया, विशेषाधिकार, प्रोटोकॉल तथा संसदीय समितियों की भूमिका। यह पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि विधायक अपनी जनता की समस्याओं को विधानसभा के पटल पर अधिक प्रभावी ढंग से उठा सकें।
सर्वदलीय भागीदारी
डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सभी विधायकों को आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागियों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से की गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रबोधन कार्यक्रम विधायकों के लिए ऐतिहासिक रूप से उपयोगी साबित होगा।
उद्घाटन समारोह में गणमान्य उपस्थित
उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के अलावा बिहार के राज्यपाल सैयद आता हुसैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। गया जी पहुँचने पर उपराष्ट्रपति का राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
आगे क्या
कार्यक्रम का समापन रविवार, 12 जुलाई को विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ सत्रों और संवाद के साथ होगा। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब बिहार विधानसभा में नवनिर्वाचित सदस्यों की संख्या उल्लेखनीय है और संसदीय कार्यवाही की गुणवत्ता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है। इस तरह के क्षमता-विकास कार्यक्रम भविष्य में विधायी बहसों की गहराई और जनप्रतिनिधित्व की प्रभावशीलता पर सीधा असर डाल सकते हैं।