लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 4 जुलाई को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधायकों के दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज (PRIDE) द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में कौन-कौन होंगे शामिल
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय संसदीय व अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी और अन्य वरिष्ठ सदस्य भाग लेंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथींद्र बोस स्वागत भाषण देंगे, जबकि राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे।
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहेंगे — यह संसदीय प्रशिक्षण आयोजनों में राज्य के मुख्यमंत्री की उपस्थिति की दृष्टि से उल्लेखनीय है।
कार्यक्रम में किन विषयों पर होगा विचार-विमर्श
दो दिनों में आयोजित तकनीकी सत्रों में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी:
'एक प्रभावी विधायक कैसे बनें' के अंतर्गत संसदीय परंपराएँ, परिपाटी और शिष्टाचार पर प्रकाश डाला जाएगा। इसके अलावा विधानमंडलों में प्रश्नों और प्रक्रियात्मक साधनों के माध्यम से कार्यपालिका की जवाबदेही, भारतीय संसद की समिति प्रणाली, निजी सदस्य विधेयकों सहित विधायी प्रक्रिया, संसद में वित्तीय कार्य एवं बजटीय प्रक्रिया, संसदीय विशेषाधिकार और आचारनीति तथा राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (NeVA) जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
इन सत्रों की अध्यक्षता विभिन्न राज्यों के विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों, संसद सदस्यों, संवैधानिक विशेषज्ञों और देशभर के वरिष्ठ संसदीय विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी।
समापन सत्र और राज्यपाल का संबोधन
कार्यक्रम का समापन 4 जुलाई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के ऐतिहासिक सदन कक्ष में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि के समापन संबोधन के साथ होगा। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, हरियाणा के राज्यपाल आशीम कुमार घोष, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथींद्र बोस भी सभा को संबोधित करेंगे।
PRIDE और इस कार्यक्रम का उद्देश्य
PRIDE लोकसभा सचिवालय की वह संस्था है जो देशभर के नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय कार्यप्रणाली से परिचित कराने का काम करती है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में कई नए चेहरे शामिल हुए हैं और संसदीय प्रक्रियाओं की गहरी समझ विधायी प्रभावशीलता के लिए अनिवार्य मानी जाती है।
इस कार्यक्रम से विधायकों, पीठासीन अधिकारियों और संसदीय विशेषज्ञों के बीच संवाद, सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों के आदान-प्रदान और लोकतांत्रिक शासन की समझ को सुदृढ़ करने की अपेक्षा है। आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम के अनुभवों का असर पश्चिम बंगाल विधानसभा की कार्यवाही की गुणवत्ता पर देखा जा सकेगा।