क्या बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- शीतकालीन सत्र 1 से 5 दिसंबर तक चलेगा।
- नए विधायकों का शपथ ग्रहण होगा।
- महागठबंधन की बैठक में जनता के मुद्दे उठाने पर चर्चा हुई।
- पटना में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।
- धारा 163 के तहत जमावड़े पर प्रतिबंध रहेगा।
पटना, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद, राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार से प्रारंभ होने जा रहा है। यह सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा। शीतकालीन सत्र की तैयारियों के मद्देनजर, राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। इस मौके पर महागठबंधन ने आज बैठक बुलाई।
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों पर चर्चा चल रही है। इस बैठक में सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने और नए विधायकों के शपथ ग्रहण एवं स्पीकर के चुनाव से संबंधित मुद्दों पर विचार किया गया। बैठक के बाद और जानकारी साझा की जाएगी।
उन्होंने कहा, "आज बिहार की जनता कह रही है कि हमने महागठबंधन को वोट दिया था। अब यह सोचने वाली बात है कि वह वोट कहां गया? लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि बिहार में एनडीए की सरकार कैसे बनी?"
आरजेडी नेता शक्ति यादव ने कहा कि सत्र की शुरुआत के लिए यह बैठक आयोजित की गई है। बैठक का मुख्य उद्देश्य सदन के भीतर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना और अपनी रणनीति तैयार करना होगा।
उन्होंने एनडीए पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान लोगों के खाते में पैसे डालकर वोट खरीदे गए। यह पहली बार है कि चुनाव आयोग एनडीए के साथ दिखाई दिया, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
कांग्रेस विधायक समीर सिंह ने कहा कि सत्र की तैयारियों को लेकर बैठक हो रही है, हम सभी एकजुट हैं। किसी प्रकार का मनमुटाव नहीं है। हम लोगों की कुछ चूक हुई है, उस पर चर्चा की जाएगी। सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी विस्तार से बात होगी।
पटना में 1 से 5 दिसंबर तक धारा 163 लागू कर दी गई है। इस दौरान एक स्थान पर लोगों का जमावड़ा, विरोध प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी और हथियार या विस्फोटक ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
विधानसभा भवन और सचिवालय थाना क्षेत्र के आसपास के विशिष्ट मार्गों पर भी प्रतिबंध लागू रहेंगे, हालांकि कुछ सरकारी अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और अधिकृत व्यक्तियों को इससे छूट दी गई है।