बिहार में एक अप्रैल से राजस्व विभाग में एआई का उपयोग, सभी जिलों में स्थापित होगा सेल
सारांश
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पटना, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार राजस्व प्रशासन को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और दक्ष बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीकों का उपयोग करने जा रही है। इस संदर्भ में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को कहा कि सरकार एआई जैसी उन्नत तकनीकों के जरिए राजस्व प्रशासन को और अधिक जनोन्मुख बनाने का प्रयास कर रही है। जिलों में एआई सेल का गठन और प्रशिक्षण से प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा।
उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य है कि तकनीक के माध्यम से आम जनता को तेज, सरल और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान की जाएं, और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जाए।"
हर जिले में अपर समाहर्ता (राजस्व) की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय एआई सेल का गठन किया जाएगा, जिसमें जिला के आईटी मैनेजर, एक भूमि सुधार उप समाहर्ता, एक अंचल अधिकारी और एक राजस्व अधिकारी शामिल होंगे। यह सेल जिला स्तर पर एआई के उपयोग से जुड़े निर्णय लेने वाली प्रमुख समिति के रूप में कार्य करेगा। एआई सेल का एक महत्वपूर्ण कार्य अधिकारियों को एआई प्रशिक्षण के लिए नामांकित करना होगा।
साथ ही, पाठ्यक्रम लागू कर परीक्षा आयोजित की जाएगी, और जो कर्मचारी मानक स्तर प्राप्त करेंगे, उन्हें जिलाधिकारी के आदेश से प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे। विभाग ने निर्देश दिया है कि एक अप्रैल से प्रारंभिक स्तर पर राजस्व प्रशासन में एआई का उपयोग किया जाए। इसके लिए मुख्य सचिव द्वारा जारी एआई टूल्स की सूची भी जिलों को उपलब्ध कराई गई है।
निर्देश में विभागीय बैठकों और दैनिक कार्यों में मुफ्त एआई सहायक चैट जीपीटी के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी और तेज बनाया जा सके। जिलाधिकारियों से अपील की गई है कि एआई टूल्स के उपयोग के माध्यम से कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाई जाए और सात निश्चय (पार्ट- 3) के तहत ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को साकार करने में राजस्व प्रशासन अग्रणी भूमिका निभाएगा।