राजस्थान: सरकारी स्कूलों में एआई के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों को सशक्त किया जाएगा

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राजस्थान: सरकारी स्कूलों में एआई के माध्यम से शिक्षकों और छात्रों को सशक्त किया जाएगा

सारांश

राजस्थान में शिक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग, सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए कैसे एआई शिक्षण विधियों में बदलाव ला सकता है।

मुख्य बातें

राजस्थान में एआई का शिक्षण में बढ़ता महत्व।
सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के उपाय।
शिक्षकों और छात्रों की सहभागिता में सुधार।
आलोचनात्मक सोच के लिए छात्रों को मार्गदर्शन।
संपर्क फाउंडेशन का 20 वर्षों का योगदान।

जयपुर, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि शिक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सोच-समझकर प्रयोग सरकारी स्कूलों में बुनियादी शिक्षा को काफी सशक्त बना सकता है।

वे राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 'राजस्थान की शिक्षा में एआई की भूमिका' विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम संपर्क फाउंडेशन ने आयोजित किया था।

श्रीनिवास ने उल्लेख किया कि एआई में बदलाव लाने की अपार क्षमता है, जो शिक्षण विधियों में सुधार, शिक्षा के क्षेत्र में सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षकों को सशक्त करने, छात्रों की सहभागिता बढ़ाने और शिक्षा प्रणाली में उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए नवोन्मेषी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने आगे कहा कि एआई तकनीक शिक्षण विधियों और नीतियों को एकीकृत करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करती है, जिससे बच्चों के लिए शिक्षा के परिणाम बेहतर होते हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने स्कूली शिक्षा में एआई के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रौद्योगिकी को शिक्षकों और छात्रों की ज़रूरतों के अनुसार तैयार किया जाए, तो यह मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रूप से सहायक हो सकती है।

उन्होंने शिक्षकों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि शिक्षकों को न केवल एआई उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए, बल्कि छात्रों को आलोचनात्मक सोचने के लिए भी मार्गदर्शन करना चाहिए, ताकि वे केवल उत्तर खोजने से आगे बढ़कर सार्थक प्रश्न पूछना सीख सकें।

एक पैनल चर्चा के दौरान, समग्र शिक्षा के अधिकारियों और शिक्षा, प्रौद्योगिकी और नीति के विशेषज्ञों ने सरकारी स्कूलों में एआई की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

यह कार्यक्रम संपर्क फाउंडेशन द्वारा प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा के क्षेत्र में 20 वर्षों के कार्यों के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

इस बैठक में रवि कुमार सुरपुर (सचिव, आईटी विभाग), विनीत नायर और राजेश्वर राव के साथ-साथ वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी, अकादमिक विशेषज्ञ और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।

उपायुक्त आकाशदीप ने समावेशी शिक्षा ढांचे में एआई को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि उपायुक्त संतोष कुमार मीना ने शिक्षा क्षेत्र में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों और लाभों पर प्रकाश डाला।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि छात्रों के सीखने के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में एआई का शिक्षा में क्या महत्व है?
एआई का उपयोग शिक्षण विधियों में सुधार, निर्णय लेने में मदद और शिक्षा के परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण है।
राजस्थान सरकार एआई को शिक्षा में कैसे लागू करेगी?
राज्य सरकार शिक्षकों को सशक्त बनाने और छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के लिए नवोन्मेषी दृष्टिकोण अपनाएगी।
क्या एआई से छात्रों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा?
हां, एआई तकनीक छात्रों को आलोचनात्मक सोचने के लिए मार्गदर्शन करेगी, जिससे उनकी सीखने की क्षमता बढ़ेगी।
यह कार्यक्रम किसने आयोजित किया था?
यह कार्यक्रम संपर्क फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था।
क्या एआई का उपयोग शिक्षकों के लिए फायदेमंद होगा?
जी हां, एआई शिक्षकों को नई तकनीकों को अपनाने और शिक्षण विधियों को सुधारने में मदद करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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