केंद्रीय मंत्रियों ने पीएम मोदी की एआई-आधारित शिक्षा सुधारों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण की प्रशंसा की
सारांश
Key Takeaways
- एआई का समावेश शिक्षा प्रणाली में हो रहा है।
- प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण भारतीय मूल्यों को ध्यान में रखना है।
- भारती एयरटेल फाउंडेशन और सीके-१२ फाउंडेशन के सहयोग से ऐप का विकास हुआ है।
- एनईपी के अनुसार शिक्षा का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया है।
नई दिल्ली, २३ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को समाहित करने की केंद्र सरकार की पहल की सोमवार
राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया से संवाद करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली धीरे-धीरे विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की ओर अग्रसर हो रही है।
उन्होंने बताया कि भारती एयरटेल फाउंडेशन के सहयोग से शिक्षकों के लिए एक ऐप विकसित किया गया था, जिसका उद्घाटन नवंबर २०२४ में किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "आजकल भारत की शिक्षा प्रणाली कई स्तरों पर एआई की ओर बढ़ रही है। हाल ही में भारती एयरटेल फाउंडेशन के साथ मिलकर शिक्षकों के लिए एक ऐप बनाया गया, जिसका उद्घाटन नवंबर २०२४ में किया जाएगा।"
उन्होंने आगे बताया कि अब सीके-१२ फाउंडेशन के सहयोग से इस ऐप का नया संस्करण भी लॉन्च किया गया है, जिससे शिक्षकों के लिए डिजिटल लर्निंग टूल और मजबूत होंगे।
प्रधान ने कहा कि ऐसी पहलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जिसमें भारतीय मूल्यों को केंद्र में रखते हुए शिक्षा के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है।
राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने २०३५ तक देश को उपनिवेशवादी सोच से मुक्त करने का आह्वान किया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू कर रहे हैं, ताकि भारत की शिक्षा प्रणाली उसकी अपनी पहचान और विरासत को दर्शा सके।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री अपने हर भाषण में - चाहे वह संसद हो, 'मन की बात' हो या कोई सार्वजनिक कार्यक्रम - राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
उन्होंने कहा, "यह देश की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
मेघवाल ने एक सेमिनार का भी उल्लेख किया, जिसमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिए गए 'एकात्म मानव दर्शन' और आज के एआई-आधारित दौर में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि चर्चा का मुख्य विषय यह था कि भारतीय दार्शनिक विचार आधुनिक तकनीकों, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, के नैतिक और संतुलित उपयोग का मार्गदर्शन कैसे कर सकते हैं।