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धर्म परिवर्तन पर BJP नेता के. करुणासागर की चेतावनी: हैदराबाद में जागरूकता की अपील

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धर्म परिवर्तन पर BJP नेता के. करुणासागर की चेतावनी: हैदराबाद में जागरूकता की अपील

सारांश

BJP नेता और तेलंगाना हाईकोर्ट के वकील के. करुणासागर ने हैदराबाद में धर्म परिवर्तन के कथित संगठित प्रयासों पर चिंता जताई। उन्होंने एक स्कूल विवाद में पुलिस की देरी पर सवाल उठाए, NHRC व NCPCR से शिकायत और SIT जाँच की माँग की — हालांकि उनके दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य नहीं दिया गया।

मुख्य बातें

करुणासागर ने 19 जुलाई को हैदराबाद में धर्म परिवर्तन के कथित संगठित प्रयासों पर चिंता जताई।
उन्होंने कथित 'मिशन गजवा-ए-हिंद' अभियान का उल्लेख किया; दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
एक स्कूल विवाद में शिक्षक पर पाठ्यक्रम से इतर धार्मिक आयतें पढ़ाने का आरोप; करुणासागर ने पुलिस की प्रारंभिक निष्क्रियता पर सवाल उठाए।
NHRC और NCPCR से शिकायत दर्ज; SIT गठन की माँग की गई।
करुणासागर ने लोगों से कानून के दायरे में रहते हुए सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियाँ संबंधित एजेंसियों को सूचित करने की अपील की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और तेलंगाना हाईकोर्ट के अधिवक्ता के. करुणासागर ने 19 जुलाई को हैदराबाद में धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने के लिए कथित तौर पर संगठित प्रयास किए जा रहे हैं और समाज को इस विषय पर जागरूक होने की आवश्यकता है। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

मुख्य दावे और आरोप

एक विशेष बातचीत में करुणासागर ने दावा किया कि कथित तौर पर 'मिशन गजवा-ए-हिंद' के नाम से चल रहे अभियान के तहत विभिन्न माध्यमों से धर्म परिवर्तन की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने 'लव जिहाद', 'जिम जिहाद' और 'एजुकेशन जिहाद' जैसे शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। गौरतलब है कि इन शब्दों का प्रयोग मुख्यतः हिंदूवादी संगठनों और दक्षिणपंथी राजनीतिक दलों द्वारा किया जाता है, और इनकी कानूनी या न्यायिक मान्यता सीमित है।

करुणासागर ने 'घर वापसी' अभियान का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य, उनके अनुसार, उन लोगों को उनके मूल धर्म से पुनः जोड़ना है जो उससे दूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संभावित खतरों के प्रति पहले से सचेत करना आवश्यक है।

स्कूल विवाद और पुलिस कार्रवाई पर सवाल

करुणासागर ने हाल ही में सामने आए एक स्कूल विवाद का भी संदर्भ दिया, जिसमें एक शिक्षक पर छात्रों को निर्धारित पाठ्यक्रम से इतर धार्मिक आयतें पढ़ाने का आरोप लगा था। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग बच्चों को धार्मिक रूप से प्रभावित करने के लिए नहीं होना चाहिए।

BJP नेता ने इस मामले में पुलिस की प्रारंभिक निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के हस्तक्षेप के बाद ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और NHRC से भी इस विषय में शिकायत की गई है, तथा मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) गठित करने की माँग की गई है।

बदलते स्वरूप का दावा

करुणासागर ने आगे दावा किया कि धर्म परिवर्तन से जुड़ी कथित गतिविधियों का स्वरूप समय के साथ बदल गया है और अब ये सामाजिक व पेशेवर संस्थानों के माध्यम से भी संचालित हो रही हैं। उन्होंने कुछ मामलों का हवाला दिया और कहा कि इनकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।

जनता से अपील

करुणासागर ने लोगों से कानून के दायरे में रहते हुए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित एजेंसियों को देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि धर्म परिवर्तन या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े आरोप सामने आते हैं, तो उनकी जाँच निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। आने वाले दिनों में NCPCR और NHRC की इस मामले में प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें अदालतों ने अब तक कानूनी मान्यता नहीं दी है — यह तथ्य मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है। NHRC और NCPCR की शिकायतें प्रक्रियागत दबाव का हथियार हो सकती हैं, क्योंकि स्कूल विवाद में FIR पहले से दर्ज है। असली सवाल यह है कि क्या तेलंगाना में ऐसे मामलों की जाँच स्वतंत्र और तथ्य-आधारित होगी, या ये राजनीतिक ध्रुवीकरण का माध्यम बनेंगे — खासकर जब आगामी स्थानीय चुनावों की पृष्ठभूमि में सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के. करुणासागर कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
के. करुणासागर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और तेलंगाना हाईकोर्ट के अधिवक्ता हैं। उन्होंने 19 जुलाई को हैदराबाद में दावा किया कि हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने के लिए कथित तौर पर संगठित प्रयास किए जा रहे हैं और समाज को इस पर जागरूक होना चाहिए।
तेलंगाना के स्कूल विवाद में क्या हुआ था?
करुणासागर के अनुसार, एक स्कूल में एक शिक्षक पर छात्रों को निर्धारित पाठ्यक्रम से अलग धार्मिक आयतें पढ़ाने का आरोप लगा था। उनका दावा है कि विरोध प्रदर्शन और NHRC के हस्तक्षेप के बाद ही इस मामले में FIR दर्ज की गई।
NHRC और NCPCR से क्या शिकायत की गई है?
करुणासागर ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) से इस स्कूल विवाद और धर्म परिवर्तन के कथित मामलों के संदर्भ में शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही SIT गठन की माँग भी की गई है।
क्या करुणासागर के दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य है?
करुणासागर ने अपने दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने कुछ मामलों का हवाला दिया, लेकिन विस्तृत दस्तावेज़ी प्रमाण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
NHRC और NCPCR की शिकायतों पर इन आयोगों की प्रतिक्रिया अपेक्षित है। स्कूल विवाद में SIT गठन की माँग लंबित है। करुणासागर ने कहा है कि किसी भी आरोप की जाँच निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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