क्या लखनऊ में जबरन धर्मांतरण के मामले बढ़ रहे हैं?

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क्या लखनऊ में जबरन धर्मांतरण के मामले बढ़ रहे हैं?

सारांश

लखनऊ में धर्मांतरण के दो मामलों ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। पीड़ित परिवारों ने जब पुलिस से न्याय नहीं पाया, तो उन्होंने विश्व हिंदू रक्षा परिषद से मदद मांगी। इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए, परिषद ने तुरंत कार्रवाई की मांग की है। क्या इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी?

मुख्य बातें

धर्मांतरण के मामले गंभीर चिंता का विषय हैं।
पुलिस कार्रवाई की कमी ने पीड़ित परिवारों को निराश किया है।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद का सक्रियता से आगे आना महत्वपूर्ण है।
लव जिहाद का मुद्दा समाज में तनाव उत्पन्न कर सकता है।
सभी को जागरूक रहने की जरूरत है।

लखनऊ, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक युवती और एक विवाहित महिला को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर मामले प्रकाश में आए हैं। जब परिवारों ने पुलिस में शिकायत की और कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने विश्व हिंदू रक्षा परिषद से मदद मांगी। परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने स्थानीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की।

गोपाल राय ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि एक घटना कुशीनगर से संबंधित है, जहां लगभग डेढ़ साल पहले एक महिला की शादी हुई थी। परिवार का कहना है कि एक युवक ने उस विवाहित महिला को अपने साथ ले जाकर उसका धर्म परिवर्तन कर दिया। परिवार का आरोप है कि महिला के गायब होने के बाद से उन्हें उसकी कोई जानकारी नहीं मिली, जबकि स्थानीय पुलिस ने भी कोई उचित कदम नहीं उठाया।

गोपाल राय ने कहा कि उन्होंने कुशीनगर के एसएसपी से बात की है और मुकदमा दर्ज करने और जांच शुरू करने का अनुरोध किया है। परिषद का कहना है कि ऐसे मामले देशभर से आ रहे हैं और वे स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर मामलों को सुलझाने में मदद करते हैं। हालाँकि, इस बार दोनों परिवारों ने लव जिहाद और धर्मांतरण से जुड़ी गंभीर शिकायतों के कारण मीडिया का सहारा लिया।

गोपाल राय ने जोर देकर कहा कि परिषद की नजर में इस समय ईसाईकरण और उसके बाद इस्लामीकरण का खतरा है। उनका कहना है कि दलित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को तुरंत मदद, शिक्षा और चिकित्सा का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ युवक हिंदू पहचान अपनाकर लड़कियों से संपर्क बढ़ाते हैं, और बाद में जब असली पहचान सामने आती है, तो मामला गंभीर हो जाता है। कई लड़कियाँ डर और शर्म के कारण अपने घरवालों को कुछ नहीं बता पातीं। गोपाल राय ने कहा कि एक पीड़ित मां परिषद कार्यालय में मौजूद थीं, लेकिन बदनामी के डर से अपना चेहरा नहीं दिखाना चाहती थीं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया है और एफआईआर दर्ज कराने में पूरी मदद करेंगे। उन्होंने सभी हिंदू परिवारों को सावधान रहने की सलाह दी है। ‘जागो हिंदू जागो अभियान’ के तहत लोगों को अनजान व्यक्तियों की पहचान करने से पहले उनकी पूरी जांच करने की आवश्यकता है।

देवानंद शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी 29 अक्टूबर 2025 को सुबह करीब 4:30 बजे घर से गायब हो गई। उन्होंने कहा कि पुलिस में कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब उन्होंने अपनी पत्नी के फोन की कॉल डिटेल निकाली, तो पता चला कि वह एक युवक, जिसका नाम आशिक अंसारी है, के संपर्क में थी। उन्होंने दावा किया कि उस युवक ने उनकी पत्नी को धर्म परिवर्तन कराकर अपने पास रखा है।

दूसरे मामले में एक लापता लड़की की मां अर्चना तिवारी ने परिषद कार्यालय पहुंचकर कहा कि उनकी बेटी नोएडा में अपने मामा के घर गई थी, लेकिन वहां से एक युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गया। अर्चना ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की बेहद चिंता है और वे चाहती हैं कि पुलिस उस युवक को तुरंत गिरफ्तार करे।

इन दोनों परिवारों की पीड़ा को देखते हुए विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि अब उन्हें इस तरह की शिकायतें देशभर से मिल रही हैं, इसलिए वे लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि इस प्रकार के मामले केवल व्यक्तिगत नहीं होते, बल्कि समाज के समक्ष गंभीर समस्याओं को उजागर करते हैं। धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसे मुद्दे समाज में तनाव उत्पन्न कर सकते हैं। हमें सभी समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मांतरण के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
धर्मांतरण के मामले बढ़ने का मुख्य कारण आर्थिक और सामाजिक कमजोरियों का लाभ उठाना है।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने क्या कदम उठाए हैं?
परिषद ने स्थानीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान की है।
क्या पुलिस ने इन मामलों में कोई कार्रवाई की?
परिवारों के अनुसार, पुलिस ने अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की है।
हम कैसे जागरूक रह सकते हैं?
हमें अनजान व्यक्तियों पर भरोसा करने से पहले उनकी पहचान की अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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