जन्माष्टमी 2025: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, उमर अब्दुल्ला, भगवंत मान समेत दर्जनों नेताओं ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर 4 सितंबर को देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन प्रमुख नेताओं में शामिल रहे जिन्होंने इस अवसर पर देशवासियों को संबोधित किया। राजनीतिक विभिन्नताओं के बावजूद एकसुर में आई इन बधाइयों ने जन्माष्टमी के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का संदेश
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी संदेश में कहा गया, 'पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और संदेश मानवता को सत्य, धर्म, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।' उन्होंने देशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण की शाश्वत शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने और समाज में एकता, शांति एवं सद्भाव को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
उमर अब्दुल्ला और भगवंत मान की शुभकामनाएँ
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कर जम्मू-कश्मीर के सभी निवासियों को बधाई दी और शांति, खुशी, समृद्धि और सद्भाव की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पर्व एकता और भाईचारे के बंधन को और मज़बूत करेगा तथा प्रदेश के हर परिवार में खुशहाली लाएगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'भगवान श्री कृष्ण जी के जन्मोत्सव के अवसर पर सभी देशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। हर घर खुशियों और समृद्धि से भरा रहे।'
हिमंता बिस्वा सरमा और नायब सिंह सैनी का संबोधन
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'माखन की मिठास से लेकर गीता के ज्ञान तक, श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाता है।' उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख, शांति और नई ऊर्जा लाने की प्रार्थना की। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन वृंदावन, मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में बिताया और हरियाणा की भूमि भी उनके चरणों से पवित्र हुई।
कुरुक्षेत्र और गीता का संदर्भ
सैनी ने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध में सत्य और न्याय का साथ दिया और कुरुक्षेत्र में गीता का अमर संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में उतारा जाए। गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र हरियाणा में ही स्थित है, जो इस पर्व को राज्य के लिए विशेष सांस्कृतिक महत्व देता है।
राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न राज्यों में जन्माष्टमी बड़े उत्साह के साथ मनाई जा रही है। विभिन्न दलों — भारतीय जनता पार्टी (BJP), आम आदमी पार्टी (AAP) और नेशनल कॉन्फ्रेंस — के नेताओं का एक साथ इस पर्व पर शुभकामनाएँ देना सांस्कृतिक समरसता की व्यापक भावना को दर्शाता है। आने वाले दिनों में मथुरा, वृंदावन और देशभर के मंदिरों में विशेष आयोजन जारी रहने की उम्मीद है।