जन्माष्टमी 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सहित केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर 4 सितंबर को समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित कीं। नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर लिखा, 'जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मैं, देश-विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। भगवान श्री कृष्ण की जीवनलीला और उनके संदेश भारतीय संस्कृति और दर्शन को संजीवनी प्रदान करते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि इस अवसर पर सभी को भगवान कृष्ण के आदर्शों को अपनाते हुए एक समावेशी और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।
गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की शुभकामनाएं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, 'धर्म, नीति और लोककल्याण के प्रतीक योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।' वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें निहित कर्म, विवेक, धैर्य और लोककल्याण का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से देश में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
अन्य केंद्रीय मंत्रियों के संदेश
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर समस्त देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई दी। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपनी पोस्ट में भगवान श्रीकृष्ण के धर्म, कर्म और भक्ति के शाश्वत संदेश से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
जन्माष्टमी का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात को भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में देवकी और वसुदेव के यहाँ जन्म लिया था। यह पर्व भारतीय संस्कृति में सत्य, धर्म और न्याय की स्थापना के प्रतीक के रूप में प्रतिवर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
राष्ट्रीय एकता का अवसर
गौरतलब है कि जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी है। राष्ट्र के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारी और मंत्रियों की ओर से आई इन शुभकामनाओं ने इस पर्व की सामाजिक व्यापकता को और रेखांकित किया। आने वाले दिनों में देशभर में मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर उत्सव की धूम जारी रहने की उम्मीद है।