26 अगस्त 2026
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ओणम पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत शीर्ष नेताओं ने दी शुभकामनाएं, बताया एकता और संस्कृति का पर्व

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ओणम पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत शीर्ष नेताओं ने दी शुभकामनाएं, बताया एकता और संस्कृति का पर्व

सारांश

ओणम 2026 पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इसे समृद्ध संस्कृति और भाईचारे का उत्सव बताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने भी एक्स पर शुभकामनाएं दीं — केरल की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 26 अगस्त 2026 को ओणम पर देश-विदेश में बसे केरलवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति ने ओणम को विविधता में एकता , प्रकृति के प्रति आभार और भाईचारे का प्रतीक बताया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , गृह मंत्री अमित शाह , नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर संदेश साझा किए।
शिवराज सिंह चौहान ने विशेष रूप से किसान भाई-बहनों को बधाई देते हुए फसल उत्सव के कृषि महत्व को रेखांकित किया।
ओणम केरल का प्रमुख फसल पर्व है, जो राजा महाबली की स्मृति में मनाया जाता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित देश के अनेक शीर्ष नेताओं ने 26 अगस्त 2026 को ओणम के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित कीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने इस त्योहार को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने विशेष रूप से देश-विदेश में बसे केरल के लोगों को बधाई दी।

राष्ट्रपति का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में कहा, 'ओणम के शुभ अवसर पर मैं सभी नागरिकों और विशेष रूप से देश-विदेश में रहने वाले केरल के भाइयों-बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।' उन्होंने आगे कहा कि यह त्योहार नई फसल के आगमन पर प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। राष्ट्रपति ने नौका दौड़, लोक नृत्य, संगीत और खेल जैसी परंपराओं को केरल की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग बताया।

लोकसभा अध्यक्ष और रक्षा मंत्री की बधाई

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर लिखा कि ओणम का जश्न हर परिवार के लिए शांति, समृद्धि और नई शुरुआत का संदेश लेकर आए तथा एकता के बंधन को और मज़बूत करे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर्व को केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का उत्सव बताते हुए कहा कि यह एकता, सद्भाव और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देता है और धरती माता के प्रति कृतज्ञता का भाव जगाता है।

गृह मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के संदेश

गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के भाइयों-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह अवसर सभी के लिए शांति और खुशहाली से भरा साल लेकर आए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ओणम की जीवंत परंपराएं साझा सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करती हैं और समुदायों को करीब लाती हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान भाई-बहनों और देशवासियों को विशेष बधाई देते हुए भगवान श्री हरि विष्णु और राजा महाबली की कृपा की कामना की तथा प्रार्थना की कि हर खेत फसलों से लहलहाता रहे।

ओणम का सांस्कृतिक महत्व

ओणम केरल का सबसे प्रमुख फसल उत्सव है, जो मलयालम कैलेंडर के चिंगम माह में मनाया जाता है। यह पर्व पौराणिक राजा महाबली की वार्षिक वापसी की स्मृति में आयोजित होता है। नौका दौड़ (वल्लमकाली), पूकलम (फूलों की रंगोली), ओणसद्या (पारंपरिक भोज) और कथकली नृत्य इस पर्व की मुख्य पहचान हैं। यह त्योहार केरल की सीमाओं से परे देश-विदेश में बसे मलयाली समुदाय में भी उत्साह के साथ मनाया जाता है।

राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

गौरतलब है कि ओणम पर शीर्ष संवैधानिक पदों से शुभकामनाएं देने की परंपरा भारत की 'विविधता में एकता' की नीति का हिस्सा है। इस वर्ष राष्ट्रपति से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक सभी ने एक्स पर संदेश साझा किए, जो डिजिटल युग में राष्ट्रीय पर्वों के उत्सव के बदलते स्वरूप को भी दर्शाता है। आने वाले दिनों में केरल सरकार के आधिकारिक ओणम समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ केरल जैसे राज्य में विपक्षी सरकार होने के बावजूद केंद्रीय नेतृत्व सांस्कृतिक सेतु बनाए रखता है। यह सांकेतिक कूटनीति है, लेकिन इसे खारिज नहीं किया जा सकता — राष्ट्रीय एकता के विमर्श में क्षेत्रीय पर्वों को केंद्रीय मान्यता देना एक सकारात्मक परंपरा है। असली परीक्षा यह है कि क्या ये शुभकामनाएं केरल के साथ नीतिगत साझेदारी में भी परिलक्षित होती हैं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओणम 2026 कब मनाया जा रहा है?
ओणम 2026 का मुख्य उत्सव 26 अगस्त को मनाया गया। यह केरल का प्रमुख फसल पर्व है जो मलयालम कैलेंडर के चिंगम माह में पड़ता है और दस दिनों तक चलता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ओणम पर क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर लिखा कि ओणम हमारी समृद्ध संस्कृति और भाईचारे की भावना का उत्सव है जो विविधता में एकता को बढ़ावा देता है। उन्होंने नौका दौड़, लोक नृत्य और संगीत जैसी परंपराओं को केरल की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बताया।
ओणम का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व क्या है?
ओणम पौराणिक राजा महाबली की वार्षिक वापसी की स्मृति में मनाया जाता है और यह नई फसल के स्वागत का उत्सव है। पूकलम, वल्लमकाली (नौका दौड़) और ओणसद्या (पारंपरिक भोज) इसकी प्रमुख परंपराएं हैं।
किन केंद्रीय मंत्रियों ने ओणम की शुभकामनाएं दीं?
गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर शुभकामनाएं दीं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अपना संदेश साझा किया।
ओणम केरल के बाहर कैसे मनाया जाता है?
ओणम केरल की भौगोलिक सीमाओं से परे देश-विदेश में बसे मलयाली समुदाय में भी उत्साह के साथ मनाया जाता है। राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संदेश में विशेष रूप से देश-विदेश में रहने वाले केरलवासियों का उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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