राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राम नवमी पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं
सारांश
Key Takeaways
- राम नवमी
- राष्ट्रपति ने देशवासियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
- भगवान राम के आदर्शों को अपनाने की अपील की गई।
- समाज में सद्भावना और शांति की कामना की गई।
- राम नवमी पर विशेष पूजा और भजन का आयोजन होता है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राम नवमी की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों और विदेशों में निवास करने वाले भारतीयों को दिल से शुभकामनाएं और बधाई दी है।
राष्ट्रपति भवन से जारी किए गए अपने संदेश में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, "राम नवमी के इस विशेष अवसर पर, मैं सभी देशवासियों और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को अपनी गहरी शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।"
उन्होंने आगे कहा कि राम नवमी का यह पावन त्योहार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भगवान राम का महान जीवन आज भी मानवता को सत्य, न्याय, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में यह भी कहा, "भगवान श्री राम का जीवन हमें समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है। उनके आदर्श हमारी संस्कृति का आधार हैं। हमें उन आदर्शों के अनुसार जीवन जीने का प्रयास करते रहना चाहिए।"
उन्होंने यह अपील भी की कि इस पावन पर्व पर हम सभी भगवान श्री राम की महान गाथा की शिक्षाओं को आत्मसात करें और अपने विचारों, शब्दों और कार्यों के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करने का दृढ़ संकल्प लें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राम नवमी के इस शुभ अवसर पर देश में शांति, समृद्धि और सद्भावना की कामना की। उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की कि भगवान राम की कृपा से हर भारतीय के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए।
राम नवमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के साथ-साथ सत्य और धर्म की विजय का जश्न भी मनाया जाता है। राम नवमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रामलीला और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है।
राष्ट्रपति का यह संदेश तब आया है जब देशभर में राम नवमी के उत्साह के साथ तैयारी की जा रही है। देश के हर कोने में राम भक्त इस पावन पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में जुटे हैं।
भगवान राम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और न्याय को अपनाने की बात करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर ही हम एक बेहतर समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।