राम मंदिर की पूर्णता के बाद रामत्व के आदर्शों को जनजीवन में लाने की आवश्यकता: विनोद बंसल

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राम मंदिर की पूर्णता के बाद रामत्व के आदर्शों को जनजीवन में लाने की आवश्यकता: विनोद बंसल

सारांश

रामनवमी पर विनोद बंसल ने राम मंदिर की पूर्णता की घोषणा की और समाज में रामत्व के आदर्शों को अपनाने की अपील की।

Key Takeaways

  • राम मंदिर की पूर्णता पर जोर दिया गया है।
  • राम के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है।
  • समाज में भेदभाव को समाप्त करने की अपील की गई है।
  • राम महोत्सव 2 अप्रैल को समाप्त होगा।
  • सभी रामभक्तों को शुभकामनाएं दी गई हैं।

नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने रामनवमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि अब जब भगवान राम का मंदिर बनकर तैयार हो गया है, तो हर व्यक्ति को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि 9 नवंबर 1989 को हमारे हिंदू समाज के दलित वर्ग के लोगों ने कामेश्वर चौपाल के हाथों से मंदिर की पहली ईंट रखी थी। उस ईंट की पूर्णता अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की, जो कि जनजातीय समुदाय से आती हैं। उन्होंने अपने हाथों से श्रीराम यंत्र की स्थापना करके इस मंदिर की पूर्णता की। साथ ही, कार्यक्रम में स्त्री शक्ति का भी महत्व था। मंदिर की पूर्णता की घोषणा तीन महान नारियों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, माता अमृतानंदमयी और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हाथों से हुई, जिससे समाज में एक अलग उत्साह और खुशी का माहौल बना।

विनोद बंसल ने कहा कि यह उत्सव पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर रामनवमी की शोभायात्राएं और आयोजन हो रहे हैं। पिछले नौ दिनों से श्री राम महोत्सव का आयोजन चल रहा है, और यह कार्यक्रम 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के साथ समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने राम मंदिर के लिए संघर्ष किया और अपना सर्वस्व त्याग दिया। ऐसे लोगों को याद करते हुए और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, वे पूज्य संत जैसे अशोक सिंघल और रामचंद्र दास जी महाराज के चरणों में नमन करते हैं।

उन्होंने कहा कि अब राम मंदिर बनकर तैयार है, और इसकी पूर्णता की घोषणा हो चुकी है। अब आवश्यक है कि रामत्व के आदर्शों को जनजीवन और समाज में उतारा जाए। उन्होंने सभी से अपील की कि राम के आदर्शों को अपनाते हुए समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त किया जाए। किसी भी प्रकार के धर्मांतरण को अस्वीकार किया जाना चाहिए और हिंदू समाज को मजबूत बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश की प्रगति, विश्व की शांति और उन्नति के लिए हमें भाई-भाई की भावना के साथ सभी लोगों से प्रेमपूर्वक पेश आना चाहिए। समाज में सहिष्णुता और समानता बनाए रखते हुए हर व्यक्ति को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए।

विनोद बंसल ने लोगों से अपील की कि रामनवमी और राम महोत्सव के इन आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने जीवन में राम के आदर्शों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि जैसे राम थे, वैसे बनें और राम के आदर्शों को समाज के हर व्यक्ति के जीवन में उतारें।

इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों-बिहार, बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अभूतपूर्व कार्यक्रम हो रहे हैं। विनोद बंसल खुद शाम को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन आयोजनों में भाग लेकर रामनवमी और राम मंदिर की पूर्णता का जश्न मनाएं।

उन्होंने अंत में सभी रामभक्तों और हिंदू समाज के लोगों को दिल से शुभकामनाएं दीं और कहा कि केवल राम के आदर्शों के अनुसार चलकर ही हम समाज और देश को आगे बढ़ा सकते हैं।

Point of View

NationPress
27/03/2026

Frequently Asked Questions

राम मंदिर की पूर्णता कब हुई?
राम मंदिर की पूर्णता की घोषणा 9 नवंबर 1989 को हुई थी, जब इसकी पहली ईंट रखी गई थी।
विनोद बंसल ने रामनवमी पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अब सभी को राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
राम महोत्सव कब समाप्त होगा?
राम महोत्सव 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के साथ समाप्त होगा।
समाज में भेदभाव को समाप्त करने के लिए क्या करना चाहिए?
हर व्यक्ति को राम के आदर्शों को अपनाते हुए ऊंच-नीच और भेदभाव को दूर करना चाहिए।
क्या विनोद बंसल ने रामभक्तों को कोई संदेश दिया?
उन्होंने सभी रामभक्तों को राम के आदर्शों के अनुसार चलने की सलाह दी।
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