क्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण से पहले रामभक्त और पुजारी उत्साहित हैं?

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क्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण से पहले रामभक्त और पुजारी उत्साहित हैं?

सारांश

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह से पहले रामभक्तों और संतों का उत्साह देखने लायक है। प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से समारोह की गरिमा और बढ़ गई है। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए भक्त बड़ी संख्या में एकत्र हुए हैं।

मुख्य बातें

राम मंदिर का शिखर आज ध्वजारोहण के लिए तैयार है।
यह समारोह ५०० साल की संघर्ष की जीत का प्रतीक है।
रामभक्तों और संतों की भीड़ अयोध्या में जुटी है।
इस दिन का महत्व भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है।
प्रधानमंत्री मोदी समारोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।

अयोध्या, २५ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भव्य राम मंदिर के शिखर पर ‘ध्वजारोहण’ से पूर्व कार्यक्रम में रामभक्तों और संतों की बड़ी संख्या अयोध्या में एकत्रित हुई है। श्रद्धा के साथ रामभक्त इस धार्मिक अवसर के गवाह बनने के लिए बहुत उत्सुक हैं।

राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कई रामभक्तों ने गर्व और खुशी की भावना व्यक्त की। कुछ भक्तों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया।

एक श्रद्धालु ने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से उद्घाटन के साथ, हिंदू राष्ट्र के लिए हमारी लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी होने के करीब लग रही है। हम एक ऐसा क्षण देख रहे हैं जिसे इतिहास में सदा याद रखा जाएगा। काशी और अन्य क्षेत्रों से भक्त और कार्यकर्ता पहले ही मंदिर की ओर यात्रा शुरू कर चुके हैं। एक बार जब वे पहुंचेंगे, तो वे राम जन्मभूमि मंदिर में इस महत्वपूर्ण अवसर को देखने और मनाने के लिए अपनी जगह ले लेंगे।"

एक महिला ने कहा, "यह एक भव्य कार्यक्रम है और हमारे भारत के लिए गर्व का पल है। लोग यहां बहुत उत्साह और खुशी के साथ आए हैं। पहले ऐसा नहीं लगता था कि श्री राम यहां मौजूद हैं, लेकिन आज यहां होना हमें भारत के नागरिक के रूप में गर्व और ऊर्जा से भर देता है। इस खुशी को शब्दों में नहीं कहा जा सकता।"

अयोध्या के एक पुजारी ने कहा, "आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि राम मंदिर बन गया है। हम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं। मंदिर बहुत मेहनत से बनाया गया है, जिससे सुंदर परिवर्तन आए हैं। यह शानदार और प्रेरणादायक है, जो इसमें शामिल सभी लोगों की मेहनत को दर्शाता है।"

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता सगुन श्रीवास्तव ने कहा कि इसे ५०० साल की संघर्ष की जीत कहा जा सकता है। हिंदू समुदाय ने पांच सदियों तक लड़ाई लड़ी और आज का परिणाम हमारे सामने है। उन्होंने कहा, "इस कामयाबी ने दुनिया भर में पूरे हिंदू समाज को विशिष्ट पहचान दिलाई है। आगे दुनियाभर में हिंदुओं का सम्मान और भी बढ़ेगा।"

ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘ध्वजारोहण’ कार्यक्रम के लिए अयोध्या पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर में मंदिर के शिखर पर ‘धर्म ध्वज’ फहराया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय समाज की एकता और दृढ़ता का प्रतीक भी है। राम जन्मभूमि का महत्व देश की सांस्कृतिक धरोहर में निहित है। इस अवसर पर सभी धर्मों और समुदायों के बीच एकता की भावना को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम जन्मभूमि मंदिर का महत्व क्या है?
राम जन्मभूमि मंदिर हिंदू धर्म में एक पवित्र स्थल है, जो भगवान राम के जन्मस्थान के रूप में माना जाता है।
क्या इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे?
जी हाँ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या आएंगे।
राष्ट्र प्रेस