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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिन पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और स्पीकर बिरला ने दी बधाई

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिन पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और स्पीकर बिरला ने दी बधाई

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिन पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बधाई दी। सभी ने उनकी सादगी, जनसेवा और वंचित वर्गों के प्रति समर्पण को करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जन्मदिन 20 जून 2025 को मनाया गया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पर पोस्ट कर मुर्मु के समावेशी विकास और सामाजिक कल्याण के प्रति समर्पण की सराहना की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी साधारण पृष्ठभूमि से सर्वोच्च संवैधानिक पद तक की यात्रा को करोड़ों महिलाओं, युवाओं और वंचितों के लिए प्रेरणा बताया।
जयशंकर ने भी जन-सेवा के प्रति मुर्मु के समर्पण की प्रशंसा की।
मुर्मु भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं और ओडिशा के एक आदिवासी समुदाय से आती हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिन पर 20 जून 2025 को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों ने शुभकामनाएं अर्पित कीं। सभी नेताओं ने राष्ट्रपति मुर्मु के वंचित वर्गों के प्रति समर्पण और उनकी प्रेरणादायी जीवन-यात्रा की सराहना की।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की शुभकामनाएं

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। राष्ट्रपति मुर्मु ने हमेशा वंचित वर्गों के हितों की वकालत की है और खुद को राष्ट्र की सेवा में समर्पित किया है। समावेशी विकास और सामाजिक कल्याण के प्रति उनकी अद्भुत प्रतिबद्धता देश भर के लोगों को प्रेरित करती रहती है।'

राधाकृष्णन ने आगे कहा, 'सादगी, विनम्रता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण से भरा उनका जीवन और सार्वजनिक सफर देश भर के अनगिनत लोगों को प्रेरित करता है। मैं उनके लंबे, स्वस्थ और सुखद जीवन की कामना करता हूं, ताकि वे राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान देती रहें।'

लोकसभा अध्यक्ष बिरला का संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रपति मुर्मु की जीवन-यात्रा को करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने लिखा, 'साधारण परिवेश से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक की आपकी प्रेरणादायी यात्रा करोड़ों भारतीयों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं एवं वंचित वर्गों के लिए आशा, परिश्रम और संकल्प का सशक्त संदेश है।'

बिरला ने यह भी कहा, 'राष्ट्रपति के रूप में आपका गरिमामय नेतृत्व, संविधान के प्रति अटूट निष्ठा व समावेशी, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति आपकी प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।'

विदेश मंत्री जयशंकर ने भी दी बधाई

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने जन-सेवा के प्रति राष्ट्रपति मुर्मु के समर्पण की सराहना करते हुए उनके दीर्घ और स्वस्थ जीवन की कामना की।

राष्ट्रपति मुर्मु की प्रेरणादायी पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि द्रौपदी मुर्मु ओडिशा के एक आदिवासी समुदाय से आती हैं और भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं। उनकी जीवन-यात्रा — एक साधारण पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक — को समाज के हाशिए पर रहे वर्गों के लिए एक ऐतिहासिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। उनका कार्यकाल समावेशी विकास और संविधान की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता पर व्यापक चर्चा जारी है। राष्ट्रपति मुर्मु का व्यक्तित्व इन दोनों मुद्दों का एक जीवंत प्रतीक बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व और नीतिगत सशक्तिकरण के बीच की खाई को पाटने के लिए ठोस कदमों की ज़रूरत है। राष्ट्रपति पद की संवैधानिक सीमाओं को देखते हुए, मुर्मु की असली विरासत इस बात से तय होगी कि उन्होंने हाशिए के वर्गों के लिए व्यवस्था के भीतर कितनी आवाज़ उठाई।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जन्मदिन कब है?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जन्मदिन 20 जून को मनाया जाता है। इस अवसर पर 2025 में उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और विदेश मंत्री सहित कई वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति मुर्मु के बारे में क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने हमेशा वंचित वर्गों के हितों की वकालत की है और समावेशी विकास व सामाजिक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देशभर के लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने मुर्मु के दीर्घ, स्वस्थ और सुखद जीवन की कामना भी की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रपति मुर्मु को किस रूप में सराहा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रपति मुर्मु की साधारण पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक की यात्रा को करोड़ों भारतीयों — विशेषकर महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों — के लिए आशा और संकल्प का संदेश बताया। उन्होंने मुर्मु के गरिमामय नेतृत्व और संविधान के प्रति निष्ठा की भी सराहना की।
द्रौपदी मुर्मु भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति कैसे बनीं?
द्रौपदी मुर्मु ओडिशा के एक आदिवासी समुदाय से आती हैं और 2022 में भारत की 15वीं राष्ट्रपति निर्वाचित हुईं, जिससे वे देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनीं। उनकी यात्रा को सामाजिक समावेश और महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति मुर्मु को जन्मदिन पर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की बधाई देते हुए जन-सेवा के प्रति उनके समर्पण की प्रशंसा की और उनके दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
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