एशियन गेम्स टेकबॉल: क्विम्सी डिसूजा कांस्य से चूकीं, साकामोटो ने 12-11 से जीता निर्णायक सेट
सारांश
मुख्य बातें
भारत की क्विम्सी डिसूजा 20 सितंबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के महिला एकल टेकबॉल मुकाबले में कांस्य पदक हासिल नहीं कर सकीं। जापान की युइना साकामोटो — जो घरेलू दर्शकों की पसंदीदा और दुनिया की नंबर 7 खिलाड़ी हैं — ने रोमांचक मुकाबले में निर्णायक सेट 12-11 से अपने नाम किया।
मुख्य घटनाक्रम
पहले सेट में क्विम्सी शुरुआत में 3-6 और फिर 7-9 से पिछड़ गईं, लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 11-10 की बढ़त बना ली। हालाँकि साकामोटो ने स्कोर बराबर किया और आखिरी पॉइंट छीनकर सेट 12-11 से जीत लिया।
दूसरे सेट में भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक शुरुआत की और 6-3 तथा फिर 10-7 की बढ़त बनाई। लेकिन जापानी खिलाड़ी का अनुभव एक बार फिर काम आया — साकामोटो ने धीरे-धीरे अंतर पाटा, 10-10 से बराबरी की और अंतत: दूसरा सेट भी जीतकर कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया।
साकामोटो की रणनीति
जापानी खिलाड़ी ने मुश्किल क्षणों में कई तरह के स्मार्ट टच और शॉट का सहारा लिया, जिससे क्विम्सी पर लगातार दबाव बना रहा। साकामोटो का धैर्य और अनुभव निर्णायक साबित हुआ, खासतौर पर तब जब क्विम्सी दोनों सेटों में जीत के करीब थीं।
गौरतलब है कि मुकाबले में कई बार एज बॉल के कारण पॉइंट्स को दोबारा खेलना पड़ा। टेकबॉल में एज बॉल वह स्थिति होती है जब गेंद घुमावदार टेबल के किनारे से टकराती है, जिसके बाद पॉइंट फिर से खेला जाता है।
आम जनता पर असर और भारतीय टेकबॉल का सफर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियन गेम्स में टेकबॉल जैसे अपेक्षाकृत नए खेलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। क्विम्सी डिसूजा का यह एशियन गेम्स डेब्यू है और महिला एकल में पदक से चूकना निराशाजनक जरूर है, लेकिन उनका प्रदर्शन भारतीय टेकबॉल के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।
क्या होगा आगे
क्विम्सी का एशियन गेम्स सफर अभी समाप्त नहीं हुआ है। वह मिक्स्ड डबल्स कांस्य पदक मुकाबले में मोहम्मद अनस इमरान बेग के साथ जोड़ी बनाकर उतरेंगी। भारतीय जोड़ी का सामना वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया न्घी ट्रिन्ह से होगा। यह मुकाबला क्विम्सी और बेग के लिए एशियन गेम्स में पदक जीतने का एक और सुनहरा अवसर होगा।