एशियन गेम्स 2026: क्विम्सी डिसूजा टेकबॉल सेमीफाइनल में हारीं, रविवार को कांस्य के लिए युइना सकामोटो से भिड़ेंगी
सारांश
मुख्य बातें
भारत की क्विम्सी जोआकिम डिसूजा को एशियन गेम्स 2026 के टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल में 19 सितंबर को नागोया सिटी हिगाशी स्पोर्ट्स सेंटर में इंडोनेशिया की इमा सुमाया के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ 24 वर्षीया भारतीय खिलाड़ी का स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूट गया, हालाँकि वे अब कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई हैं।
मैच का घटनाक्रम
एशियन गेम्स में अपना डेब्यू कर रही क्विम्सी ने आत्मविश्वास के साथ आगाज़ किया और पहला सेट 12-7 से अपने नाम कर लिया। लेकिन सुमाया ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे सेट में शुरुआती कमी को पाटा और 12-9 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ले आईं।
तीसरे और निर्णायक सेट में क्विम्सी ने 4-1 की बढ़त बना ली, मगर सुमाया ने एक बार फिर दमदार वापसी की और 12-7 से डिसाइडर जीतते हुए फाइनल में प्रवेश किया। क्विम्सी के लिए यह हार निराशाजनक ज़रूर है, लेकिन उनका पदक से नाता अभी बाकी है।
कांस्य पदक मैच की चुनौती
क्विम्सी अब रविवार को वर्ल्ड नंबर 7 जापान की युइना सकामोटो के खिलाफ ब्रॉन्ज मेडल मैच में उतरेंगी। यह मुकाबला इसलिए भी रोचक है क्योंकि क्विम्सी ग्रुप चरण में सकामोटो को पहले ही 2-1 से हरा चुकी हैं। यदि वे रविवार को भी जीत हासिल करती हैं, तो भारत को एशियन गेम्स में अपना पहला टेकबॉल पदक मिल जाएगा।
ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन
क्विम्सी ने इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपने अभियान की शुरुआत बेहद प्रभावशाली ढंग से की थी। उन्होंने पहले मैच में शीर्ष वरीय युइना सकामोटो को पहला सेट 10-12 से गँवाने के बाद वापसी करते हुए 2-1 से हराया — दूसरा सेट 12-11 और तीसरा 13-11 से जीता।
इसके बाद उन्होंने कंबोडिया की कोएमियन डीवाई को सीधे सेटों में 12-9, 12-7 से पराजित कर ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान हासिल किया और क्वार्टरफाइनल दौर को दरकिनार करते हुए सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाई।
मिक्स्ड डबल्स में भी हिस्सेदारी
क्विम्सी ने मोहम्मद अनस इमरान बेग के साथ मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा में भी भाग लिया, जहाँ भारतीय जोड़ी ने अपने ग्रुप-ए के पहले मैच में फिलीपींस की जोआना अबुलेंसिया और प्रिंस अगस्टिन की जोड़ी को हराया।
टेकबॉल क्या है
गौरतलब है कि हंगरी में विकसित टेकबॉल एक उभरता खेल है, जो फुटबॉल के तत्वों को एक विशेष घुमावदार टेबल के साथ जोड़ता है। यह फ्रीस्टाइल फुटबॉल और सेपक टकरा का मिश्रण-सा प्रतीत होता है। एशियन गेम्स 2026 में यह खेल अपनी नई उपस्थिति दर्ज करा रहा है और भारत इसमें उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है।
रविवार का ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला भारतीय टेकबॉल के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है — क्विम्सी के पास इतिहास रचने का मौका है।