19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनुपम श्याम जयंती: 'ठाकुर सज्जन सिंह' बने इस अभिनेता ने प्रतापगढ़ से मुंबई तक ऐसे बनाई अपनी राह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनुपम श्याम जयंती: 'ठाकुर सज्जन सिंह' बने इस अभिनेता ने प्रतापगढ़ से मुंबई तक ऐसे बनाई अपनी राह

सारांश

प्रतापगढ़ की माटी से निकलकर 'ठाकुर सज्जन सिंह' बनने तक — अनुपम श्याम ओझा की जयंती पर याद आती है वह यात्रा जो भारतेंदु नाट्य अकादमी के मंच से 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के सेट तक पहुँची। किडनी की बीमारी और आर्थिक संकट से जूझते हुए भी उन्होंने कैमरे का सामना किया — एक ऐसा कलाकार जिसे दर्शक उसके नाम से नहीं, उसके किरदार से पहचानते थे।

मुख्य बातें

अनुपम श्याम ओझा का जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ था।
उन्होंने भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ से रंगमंच का प्रशिक्षण लिया और दिल्ली के श्रीराम सेंटर रंगमंडल से जुड़े।
उनके फ़िल्मी करियर की शुरुआत 'लिटिल बुद्धा' से हुई; 'बैंडिट क्वीन' , 'लगान' और 'स्लमडॉग मिलियनेयर' उनकी प्रमुख फ़िल्मों में शामिल हैं।
2009 में धारावाहिक 'मन की आवाज़ प्रतिज्ञा' में ठाकुर सज्जन सिंह का किरदार निभाकर उन्हें असली जन-पहचान मिली।
किडनी की बीमारी के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाज के लिए ₹20 लाख की सहायता भिजवाई।
8 अगस्त 2021 को मुंबई के लाइफलाइन अस्पताल में 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।

अभिनेता अनुपम श्याम ओझा की आज 20 सितंबर को जयंती है। उनका जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। वे अपनी दमदार आवाज़, प्रभावशाली अभिनय और अनूठे अंदाज़ के कारण छोटे पर्दे से लेकर बड़े परदे तक एक विशेष पहचान छोड़ गए। लोकप्रिय धारावाहिक 'मन की आवाज़ प्रतिज्ञा' में उनके द्वारा निभाया गया 'ठाकुर सज्जन सिंह' का किरदार आज भी दर्शकों के ज़ेहन में ज़िंदा है।

प्रतापगढ़ से लखनऊ तक: नींव की ईंटें

बचपन से ही अभिनय के प्रति गहरा रुझान रखने वाले अनुपम श्याम ने अपनी प्राथमिक शिक्षा प्रतापगढ़ में पूरी की। इसके बाद अवध विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल कर वे लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित भारतेंदु नाट्य अकादमी पहुँचे, जहाँ उन्होंने रंगमंच की बारीकियाँ सीखीं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे नई दिल्ली के श्रीराम सेंटर रंगमंडल से जुड़े और थिएटर में निरंतर काम करते रहे। यह रंगमंच का अनुभव ही बाद में उनके अभिनय की आत्मा बना।

मुंबई का संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय पहचान

सपनों को पंख देने के लिए अनुपम श्याम ने मुंबई का रुख किया, लेकिन यह सफ़र आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें छोटे-छोटे किरदार ही मिले। उनके फ़िल्मी करियर की असली शुरुआत अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म 'लिटिल बुद्धा' से हुई। इसके बाद उन्होंने निर्देशक शेखर कपूर की चर्चित फ़िल्म 'बैंडिट क्वीन' में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

धीरे-धीरे उनका कद बढ़ता गया। 'लगान', 'नायक', 'शक्ति', 'स्लमडॉग मिलियनेयर', 'वांटेड', 'हल्ला बोल' और 'रक्त चरित्र' जैसी बड़ी फ़िल्मों में उन्होंने खलनायक और दबंग किरदारों के ज़रिए अपनी ज़बरदस्त छाप छोड़ी। उनकी गहरी आवाज़ और आँखों की भाषा उन्हें भीड़ से अलग करती थी।

'ठाकुर सज्जन सिंह': वो किरदार जो पहचान बन गया

फ़िल्मों में वर्षों तक काम करने के बावजूद उन्हें असली जन-पहचान 2009 में मिली, जब वे स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिक 'मन की आवाज़ प्रतिज्ञा' में ठाकुर सज्जन सिंह के रूप में सामने आए। यह किरदार इतना जीवंत और प्रभावशाली था कि दर्शक उन्हें उनके असली नाम से कम और 'ठाकुर सज्जन सिंह' के नाम से अधिक पुकारने लगे। गौरतलब है कि यह वह दौर था जब हिंदी टेलीविज़न पर पारिवारिक नाटकों की धूम थी और इस किरदार ने उस लहर पर सवार होकर करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने 'प्रतिज्ञा 2', 'कृष्णा चली लंदन' और 'डोली अरमानों की' समेत अनेक टीवी धारावाहिकों में भी काम किया।

बीमारी, आर्थिक संकट और सरकारी मदद

जीवन के अंतिम वर्ष अनुपम श्याम के लिए बेहद कठिन रहे। वे लंबे समय तक किडनी की गंभीर बीमारी से जूझते रहे और नियमित डायलिसिस पर निर्भर हो गए। इलाज का बढ़ता बोझ आर्थिक संकट में बदल गया, जिसके बाद उनके भाई ने सार्वजनिक रूप से मदद की अपील की। एक साक्षात्कार में अनुपम श्याम ने स्वयं बताया था कि जब उनकी बीमारी की जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली, तो उन्होंने इलाज के लिए ₹20 लाख की आर्थिक सहायता सीधे अस्पताल के खाते में भिजवाई।

अनुपम श्याम के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे और उनके काम की प्रशंसा करते थे। इस आर्थिक सहायता से उनका उपचार आगे बढ़ सका। कुछ समय के लिए उनकी सेहत में सुधार भी आया और वे 'मन की आवाज़ प्रतिज्ञा 2' की शूटिंग में भी लौटे, परंतु उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता रहा।

विदाई और विरासत

अभिनेता अनुपम श्याम ओझा का 8 अगस्त 2021 को मुंबई के लाइफलाइन अस्पताल में 63 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने से टेलीविज़न और फ़िल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। प्रतापगढ़ की माटी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पर्दे तक पहुँचने वाले इस कलाकार की यात्रा आज भी संघर्ष और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उनकी जयंती पर उनके प्रशंसक और साथी कलाकार उन्हें आज भी उसी 'ठाकुर सज्जन सिंह' के रूप में याद करते हैं जिसने लाखों घरों की शाम को रोशन किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु जो व्यवस्था उनके जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकती थी, वह उन तक नहीं पहुँची।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुपम श्याम ओझा का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
अनुपम श्याम ओझा का जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्रतापगढ़ में और उच्च शिक्षा अवध विश्वविद्यालय से पूरी की।
'ठाकुर सज्जन सिंह' का किरदार किस धारावाहिक में था?
यह किरदार 2009 में प्रसारित लोकप्रिय धारावाहिक 'मन की आवाज़ प्रतिज्ञा' में था। यह किरदार इतना प्रभावशाली रहा कि दर्शक अनुपम श्याम को उनके असली नाम से कम और 'ठाकुर सज्जन सिंह' के नाम से अधिक पहचानने लगे।
अनुपम श्याम ने कौन-कौन सी प्रमुख फ़िल्मों में काम किया?
अनुपम श्याम ने 'लिटिल बुद्धा', 'बैंडिट क्वीन', 'लगान', 'नायक', 'शक्ति', 'स्लमडॉग मिलियनेयर', 'वांटेड', 'हल्ला बोल' और 'रक्त चरित्र' जैसी उल्लेखनीय फ़िल्मों में काम किया। उन्हें प्रायः खलनायक या दबंग किरदार निभाने का अवसर मिलता था।
अनुपम श्याम की बीमारी के दौरान किसने आर्थिक मदद की थी?
अनुपम श्याम ने स्वयं एक साक्षात्कार में बताया था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी किडनी की बीमारी के इलाज के लिए ₹20 लाख की सहायता सीधे अस्पताल के खाते में भिजवाई थी। इस मदद से उनका उपचार आगे बढ़ सका।
अनुपम श्याम का निधन कब और कहाँ हुआ?
अभिनेता अनुपम श्याम ओझा का निधन 8 अगस्त 2021 को मुंबई के लाइफलाइन अस्पताल में 63 वर्ष की आयु में हुआ। वे लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और नियमित डायलिसिस पर निर्भर थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले