19 सितंबर 2026
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दिल्ली नाबालिग दुष्कर्म-हत्या पर प्रियंका गांधी का हमला: 'महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता'

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दिल्ली नाबालिग दुष्कर्म-हत्या पर प्रियंका गांधी का हमला: 'महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता'

सारांश

दिल्ली के स्वरूप नगर में 17 वर्षीया नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और चाकू से हत्या के मामले ने देश को झकझोर दिया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को सीधे घेरते हुए जवाबदेही की मांग की है।

मुख्य बातें

13 सितंबर 2026 को उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर में 17 वर्षीया नाबालिग की सड़ी-गली लाश बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद चाकू से गोदकर हत्या की गई।
इस वारदात में चार आरोपी शामिल हैं, जिनमें तीन नाबालिग हैं; पीड़िता आरोपियों को जानती थी।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर लिखा कि महिला सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से सीधे पूछा — 'दिल्ली पुलिस आपके अधीन है, जिम्मेदारी किसकी है?'

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक 17 वर्षीया नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और उसकी बर्बर हत्या के मामले पर केंद्र और दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश में महिला सुरक्षा के लिए कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है और सैकड़ों महिलाओं पर अत्याचार होते हैं, फिर भी ठोस कार्रवाई नहीं होती।

प्रियंका गांधी का एक्स पर पोस्ट

प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'दिल्ली में एक 17 साल की बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं और उसके बाद उसे बर्बरता से मार डाला गया।' उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ही दिनों पहले एक और नाबालिग लड़की का बलात्कार किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के विकास की 'सिर्फ खोखली बातें' की जाती हैं और एफआईआर तक दर्ज नहीं होती। प्रियंका गांधी ने कहा, 'समाज और सरकार दोनों, महिलाओं को सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता का अधिकार देने में पूरी तरह से विफल हैं।'

राहुल गांधी की तीखी प्रतिक्रिया

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती।' उन्होंने आगे कहा कि 'महिलाओं की सुरक्षा के बिना भारत आगे नहीं बढ़ सकता।'

राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, 'दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है?' उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और 'आपराधिक गैर-जिम्मेदारी की जवाबदेही' तय करने की मांग की।

मुख्य घटनाक्रम: क्या हुआ था

यह मामला 13 सितंबर को तब सामने आया जब उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास एक बुरी तरह सड़ी-गली लाश बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, हालत इतनी बुरी थी कि शुरुआत में यह भी निर्धारित नहीं हो सका कि शव लड़के का है या लड़की का।

जांच में पीड़िता की पहचान के बाद सामने आया कि इस वारदात को चार लोगों ने अंजाम दिया, जिनमें तीन नाबालिग हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता आरोपियों को जानती थी और उनके साथ एक टेंपो में सफर कर रही थी। सफर के दौरान सभी ने शराब पी, फिर लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया, इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को खुले खेत में फेंक दिया गया।

आम जनता और राजनीतिक विमर्श पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजधानी में महिला सुरक्षा को लेकर पहले से ही गहरी चिंताएं व्याप्त हैं। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी ने खुद कहा कि कुछ ही दिन पहले एक और नाबालिग से बलात्कार की घटना हुई थी, जो दर्शाता है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं, बल्कि एक चिंताजनक पैटर्न है।

दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है, इसीलिए विपक्ष सीधे अमित शाह को जिम्मेदार ठहरा रहा है। कांग्रेस की ओर से यह मांग की जा रही है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

क्या होगा आगे

पुलिस मामले की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन नाबालिग होने के कारण यह मामला किशोर न्याय प्रणाली के दायरे में भी आता है, जो न्यायिक प्रक्रिया को जटिल बनाता है। विपक्ष के दबाव और सार्वजनिक आक्रोश के बीच यह देखना अहम होगा कि सरकार महिला सुरक्षा के मोर्चे पर क्या ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो निर्भया कांड के बाद कड़े कानूनों के बावजूद बनी हुई है। राजनीतिक जवाबदेही की माँग सही है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर एक अहम सवाल से बचती है — क्षेत्र-स्तरीय पुलिसिंग की जमीनी क्षमता और महिला हेल्पलाइन की प्रतिक्रिया गति क्यों नहीं सुधरी? तीन आरोपियों का नाबालिग होना किशोर न्याय प्रणाली की भी परीक्षा है, जिस पर बहस होनी चाहिए। सियासी बयानबाजी के शोर में पीड़िता के परिवार को त्वरित न्याय दिलाने की जिम्मेदारी कहीं दब न जाए।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली नाबालिग दुष्कर्म-हत्या मामला क्या है?
यह मामला 13 सितंबर 2026 को उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर में सामने आया, जब कुशक रोड पर एक खेत के पास 17 वर्षीया नाबालिग की बुरी तरह सड़ी-गली लाश बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के साथ चार आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
प्रियंका गांधी ने इस मामले पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर लिखा कि देश में महिला सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है और समाज व सरकार दोनों महिलाओं को सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता देने में विफल हैं। उन्होंने कहा कि सैकड़ों महिलाओं पर अत्याचार होते हैं, लेकिन एफआईआर तक दर्ज नहीं होती।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से क्या सवाल पूछा?
राहुल गांधी ने एक्स पर सीधे अमित शाह को संबोधित करते हुए पूछा कि दिल्ली पुलिस उनके अधीन है, तो महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी सजा और 'आपराधिक गैर-जिम्मेदारी की जवाबदेही' तय करने की मांग की।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और उनकी उम्र क्या है?
पुलिस के अनुसार, इस वारदात में कुल चार आरोपी शामिल हैं, जिनमें से तीन नाबालिग हैं। पीड़िता इन आरोपियों को पहले से जानती थी और घटना के समय उनके साथ टेंपो में सफर कर रही थी।
दिल्ली पुलिस को इस मामले की जानकारी देर से क्यों मिली?
राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगी। लाश की हालत इतनी खराब थी कि शुरुआत में पुलिस पीड़ित का लिंग तक निर्धारित नहीं कर सकी, जिससे पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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