द्वारका गोयला डेयरी में दुष्कर्म मामला: विहिप ने न्याय और सजा की मांग की, उठाए सवाल पुलिस पर
सारांश
Key Takeaways
- नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना
- विहिप का त्वरित न्याय की मांग
- पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए गए
- स्थानीय लोगों का आक्रोश
- समाज में सुरक्षा का माहौल बनाना आवश्यक
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। द्वारका के गोयला डेयरी इलाके में एक नाबालिग हिंदू बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म मामले ने एक बार फिर राजधानी में कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। इस संवेदनशील प्रकरण में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) इन्द्रप्रस्थ प्रांत के मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने आज पीड़ित परिवार से उनके घर जाकर मुलाकात की। विहिप कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे गुप्ता ने परिवार को न्यायमनोबल बढ़ाने का प्रयास किया।
घटना के अनुसार, छावला थाना इलाके में गोयला डेयरी में एक मासूम बच्ची के साथ क्रूर अपराध हुआ। मामले की जानकारी मिलते ही विहिप ने त्वरित कार्रवाई की। सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि पीड़ित परिवार के घर पहुंचने पर यह ज्ञात हुआ कि बच्ची और उसकी मां को पुलिस द्वारा कानूनी प्रक्रिया के लिए ले जाया गया है।
परिवार से बातचीत न कर पाने के बावजूद गुप्ता ने कहा, "हम इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ दृढ़ता से खड़े हैं। विहिप इस जघन्य अपराध के दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलवाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।" विहिप ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: त्वरित न्याय, पूर्ण सुरक्षा, और कड़ी कार्रवाई।
सुरेंद्र गुप्ता ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवार को बार-बार कोर्ट ले जाना और परिवार से संपर्क न होने देना पीड़ितों के साथ अन्याय है। विहिप ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की ढिलाई और पक्षपाती रवैया ऐसे अपराधों को बढ़ावा दे रहा है। संगठन ने यह भी घोषणा की है कि वह मामले की हर कड़ी पर नजर रखेगा और जल्द ही पुनः पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें कानूनी, सामाजिक और आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।
यह मामला दिल्ली में नाबालिगों की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर फिर से बहस को जन्म दे रहा है। विहिप के इस कदम से पीड़ित परिवार को मनोबल मिला है, लेकिन संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय में देरी हुई या दोषी को संरक्षण मिला, तो बड़े आंदोलन की स्थिति बन सकती है।
गोयला डेयरी क्षेत्र के स्थानीय लोग भी इस घटना से आक्रोशित हैं और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विहिप का कहना है कि यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि समाज में फैली खतरनाक प्रवृत्ति के खिलाफ लड़ाई है।