'गोंधल' की ऑस्कर 2027 एंट्री: डायरेक्टर संतोष दावखर बोले — भारत की समृद्ध विरासत दिखाना था मकसद
सारांश
मुख्य बातें
मराठी थ्रिलर फिल्म 'गोंधल' को 2027 के ऑस्कर अवॉर्ड्स की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है। फिल्म के निर्देशक संतोष दावखर ने बताया कि इस फिल्म को बनाने के पीछे उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा भारतीय संस्कृति और विरासत को सिनेमाई भाषा में अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाना था।
फिल्म की कहानी और पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र के ग्रामीण परिवेश में रची-बसी यह थ्रिलर फिल्म नवविवाहित महिला सुमन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी शादी से संतुष्ट नहीं है। फिल्म में रहस्य और रोमांच के तत्वों को भारतीय रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परंपराओं की समृद्धि के साथ बुना गया है।
फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर, अनुज प्रभु, सुरेश विश्वकर्मा और विट्ठल काले मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म पहले ही कान्स समेत कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में अपनी जगह बना चुकी है।
संतोष दावखर का नजरिया
दावखर ने कहा कि शुरुआत में उन्हें यकीन नहीं था कि दर्शक इस फिल्म को किस तरह स्वीकार करेंगे। उन्होंने बताया, 'मेरी पहली प्राथमिकता यही थी कि मुझे यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनानी है।'
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जब वे कान्स और दूसरे अंतरराष्ट्रीय महोत्सवों में गए, तो उन्हें एहसास हुआ कि विदेशी दर्शक भारतीय सिनेमा को अक्सर गरीबी और जातिवाद के चश्मे से देखते हैं। उन्होंने कहा, 'भारत की एक समृद्ध विरासत है, गर्व करने वाला कल्चर भी है और मैं उस कल्चर को सिनेमाई तरीके से दिखाना चाहता था।'
अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की गहन पढ़ाई
दावखर ने बताया कि फिल्म बनाने से पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा और स्क्रीनराइटिंग का गहन अध्ययन किया। उनके शब्दों में, 'जब मैं कान्स में था, तो मैं दिन में तीन-चार फिल्में देखता था। 15 दिनों में मैंने 40 से ज़्यादा फिल्में देखीं — और अगर आप एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म बनाना चाहते हैं तो आपकी मेकिंग भी उसी स्तर की होनी चाहिए।'
स्क्रीनप्ले के बारे में उन्होंने कहा, 'मैंने इस पर बहुत शोध किया और लोगों को बहुत ही सहज तरीके से एक थ्रिलर मिस्ट्री दी है। इसके साथ ही रीति-रिवाजों की समृद्धि भी बरकरार रखी है।'
भारतीय सिनेमा की बदलती छवि
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत ने ऑस्कर की इस श्रेणी में लगातार विविध विषयों वाली फिल्में भेजी हैं। 'गोंधल' इस मायने में उल्लेखनीय है कि यह एक क्षेत्रीय मराठी फिल्म होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सिनेमाई मानकों पर खरी उतरने की कोशिश करती है — सांस्कृतिक समृद्धि को सामाजिक यथार्थवाद की जगह केंद्र में रखकर।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फिल्म उद्योग वैश्विक मंचों पर अपनी पहचान और प्रतिनिधित्व को लेकर सचेत हो रहा है। ऑस्कर 2027 के नामांकन के नतीजे आने वाले महीनों में सामने आएंगे।