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'गोंधल' की ऑस्कर 2027 एंट्री: डायरेक्टर संतोष दावखर बोले — भारत की समृद्ध विरासत दिखाना था मकसद

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'गोंधल' की ऑस्कर 2027 एंट्री: डायरेक्टर संतोष दावखर बोले — भारत की समृद्ध विरासत दिखाना था मकसद

सारांश

'गोंधल' सिर्फ एक थ्रिलर नहीं — यह भारतीय सिनेमा की उस धारा को चुनौती है जो विदेशी नज़रों में गरीबी और जातिवाद तक सिमटी है। संतोष दावखर ने कान्स में 40 फिल्में देखकर जो सीखा, उसे महाराष्ट्र के गाँव की एक नवविवाहित स्त्री की कहानी में उतार दिया — और अब वह कहानी ऑस्कर 2027 तक पहुँच गई है।

मुख्य बातें

मराठी थ्रिलर 'गोंधल' को ऑस्कर 2027 की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुना गया है।
फिल्म के निर्देशक संतोष दावखर ने कहा कि उनका मकसद भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय सिनेमाई भाषा में पेश करना था।
फिल्म महाराष्ट्र के ग्रामीण परिवेश में नवविवाहित महिला सुमन की कहानी पर केंद्रित एक थ्रिलर मिस्ट्री है।
दावखर ने कान्स में 15 दिनों में 40 से अधिक फिल्में देखकर अंतरराष्ट्रीय सिनेमाई मानकों का अध्ययन किया।
फिल्म पहले ही कान्स समेत कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में चुनी जा चुकी है।

मराठी थ्रिलर फिल्म 'गोंधल' को 2027 के ऑस्कर अवॉर्ड्स की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है। फिल्म के निर्देशक संतोष दावखर ने बताया कि इस फिल्म को बनाने के पीछे उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा भारतीय संस्कृति और विरासत को सिनेमाई भाषा में अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाना था।

फिल्म की कहानी और पृष्ठभूमि

महाराष्ट्र के ग्रामीण परिवेश में रची-बसी यह थ्रिलर फिल्म नवविवाहित महिला सुमन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी शादी से संतुष्ट नहीं है। फिल्म में रहस्य और रोमांच के तत्वों को भारतीय रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परंपराओं की समृद्धि के साथ बुना गया है।

फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर, अनुज प्रभु, सुरेश विश्वकर्मा और विट्ठल काले मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म पहले ही कान्स समेत कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में अपनी जगह बना चुकी है।

संतोष दावखर का नजरिया

दावखर ने कहा कि शुरुआत में उन्हें यकीन नहीं था कि दर्शक इस फिल्म को किस तरह स्वीकार करेंगे। उन्होंने बताया, 'मेरी पहली प्राथमिकता यही थी कि मुझे यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनानी है।'

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जब वे कान्स और दूसरे अंतरराष्ट्रीय महोत्सवों में गए, तो उन्हें एहसास हुआ कि विदेशी दर्शक भारतीय सिनेमा को अक्सर गरीबी और जातिवाद के चश्मे से देखते हैं। उन्होंने कहा, 'भारत की एक समृद्ध विरासत है, गर्व करने वाला कल्चर भी है और मैं उस कल्चर को सिनेमाई तरीके से दिखाना चाहता था।'

अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की गहन पढ़ाई

दावखर ने बताया कि फिल्म बनाने से पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा और स्क्रीनराइटिंग का गहन अध्ययन किया। उनके शब्दों में, 'जब मैं कान्स में था, तो मैं दिन में तीन-चार फिल्में देखता था। 15 दिनों में मैंने 40 से ज़्यादा फिल्में देखीं — और अगर आप एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म बनाना चाहते हैं तो आपकी मेकिंग भी उसी स्तर की होनी चाहिए।'

स्क्रीनप्ले के बारे में उन्होंने कहा, 'मैंने इस पर बहुत शोध किया और लोगों को बहुत ही सहज तरीके से एक थ्रिलर मिस्ट्री दी है। इसके साथ ही रीति-रिवाजों की समृद्धि भी बरकरार रखी है।'

भारतीय सिनेमा की बदलती छवि

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत ने ऑस्कर की इस श्रेणी में लगातार विविध विषयों वाली फिल्में भेजी हैं। 'गोंधल' इस मायने में उल्लेखनीय है कि यह एक क्षेत्रीय मराठी फिल्म होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सिनेमाई मानकों पर खरी उतरने की कोशिश करती है — सांस्कृतिक समृद्धि को सामाजिक यथार्थवाद की जगह केंद्र में रखकर।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फिल्म उद्योग वैश्विक मंचों पर अपनी पहचान और प्रतिनिधित्व को लेकर सचेत हो रहा है। ऑस्कर 2027 के नामांकन के नतीजे आने वाले महीनों में सामने आएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस बहस की अगली कड़ी है कि भारत खुद को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किस तरह प्रस्तुत करना चाहता है। दावखर का यह तर्क — कि भारतीय सिनेमा गरीबी और जातिवाद की कथाओं से परे भी कुछ कह सकता है — सही दिशा में है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब नामांकन की सूची आएगी। कान्स में उपस्थिति और ऑस्कर की आधिकारिक एंट्री के बीच का फ़ासला बड़ा है — और भारत का ऑस्कर के इस वर्ग में अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि नामांकन से आगे जाना कितना कठिन है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोंधल को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री क्यों चुना गया?
मराठी थ्रिलर 'गोंधल' को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुना गया है। फिल्म कान्स समेत कई अंतरराष्ट्रीय महोत्सवों में पहले ही अपनी पहचान बना चुकी है और इसकी सिनेमाई भाषा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति को इस चयन का आधार माना जा रहा है।
गोंधल फिल्म की कहानी क्या है?
गोंधल महाराष्ट्र के ग्रामीण परिवेश पर आधारित थ्रिलर मिस्ट्री फिल्म है, जो नवविवाहित महिला सुमन के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी शादी से खुश नहीं है। फिल्म में रहस्य और रोमांच को भारतीय रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ पिरोया गया है।
निर्देशक संतोष दावखर ने फिल्म की तैयारी कैसे की?
संतोष दावखर ने कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान 15 दिनों में 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फिल्में देखकर सिनेमाई मानकों का गहन अध्ययन किया। इसके अलावा उन्होंने स्क्रीनप्ले पर विस्तृत शोध किया ताकि थ्रिलर मिस्ट्री को सहज और दर्शकों के लिए सुलभ बनाया जा सके।
गोंधल में कौन से कलाकार हैं?
फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर, अनुज प्रभु, सुरेश विश्वकर्मा और विट्ठल काले मुख्य भूमिकाओं में हैं।
ऑस्कर 2027 के नामांकन के नतीजे कब आएंगे?
ऑस्कर 2027 की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के आधिकारिक नामांकन आने वाले महीनों में घोषित होने की उम्मीद है। भारत की एंट्री तय हो जाने के बाद अब यह देखना होगा कि 'गोंधल' अंतिम नामांकन सूची में जगह बना पाती है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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