मुग्धा गोडसे मराठी फिल्म 'फ्रेम' में भावुक, बोलीं — 'नागराज मंजुले की टीम ने घर जैसा अपनापन दिया'
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री मुग्धा गोडसे इन दिनों मराठी फिल्म 'फ्रेम' को लेकर चर्चा में हैं। 14 जुलाई को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म से जुड़ी तस्वीरें और भावनात्मक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने फिल्म की टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। अभिनेत्री ने कहा कि भले ही फिल्म में उनकी भूमिका छोटी रही, लेकिन पूरी टीम ने उन्हें परिवार जैसा अपनापन दिया।
इंस्टाग्राम पर साझा किया भावुक संदेश
मुग्धा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मराठी फिल्म 'फ्रेम' का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद खुशी की बात थी। यह फिल्म बहुत सोच-समझकर और शानदार तरीके से बनाई गई है। मेरे पसंदीदा नागराज मंजुले और अमेय को ढेर सारा प्यार। मेरा योगदान भले ही छोटा रहा हो, लेकिन आप सभी ने मुझे घर जैसा महसूस कराया। आगे भी ऐसे ही शानदार काम करते रहें। पूरी टीम को बधाई और धन्यवाद।' इस पोस्ट ने उनके प्रशंसकों के बीच गर्मजोशी का माहौल बना दिया।
मराठी संस्कृति से गहरा जुड़ाव
मुग्धा गोडसे ने पहले दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि मराठी भाषा और संस्कृति उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा था, 'मैं एक मराठी लड़की हूं। मेरा जन्म और पालन-पोषण पुणे में हुआ है, इसलिए मराठी भाषा और संस्कृति मेरे खून में है। जब रंजीत ने मुझे फोन करके इस फिल्म का प्रस्ताव दिया तो मैं बहुत खुश हुई। विक्रम जैसे प्रतिभाशाली निर्देशक के साथ काम करना किसी भी कलाकार के लिए खास मौका होता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह भविष्य में मराठी सिनेमा में और काम करना चाहती हैं, क्योंकि क्षेत्रीय कहानियों में एक अलग गहराई और सच्चाई होती है।
फिल्म 'फ्रेम' के बारे में
फिल्म 'फ्रेम' का निर्देशन विक्रम पटवर्धन ने किया है। यह फिल्म दो कलाकारों की जिंदगी और उनके बनाए गए फ्रेम्स के पीछे छिपी अनकही कहानियों को परदे पर उतारती है। फिल्म को 59वें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कारों में कई सम्मान मिले हैं। इसके अलावा, इसे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) 2022 के लिए भी आधिकारिक रूप से चुना गया था — जो इस फिल्म की गुणवत्ता का प्रमाण है।
क्षेत्रीय सिनेमा में मुग्धा की यात्रा
मुग्धा गोडसे ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में विविध किरदारों से अपनी पहचान बनाई है और समय-समय पर क्षेत्रीय सिनेमा से भी जुड़ती रही हैं। 'फ्रेम' उनकी इस यात्रा का एक भावनात्मक पड़ाव साबित हुई है। गौरतलब है कि मराठी सिनेमा हाल के वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज़ी से पहचान बना रहा है, और इस परिदृश्य में 'फ्रेम' जैसी विचारशील फिल्में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।