14 जुलाई 2026
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किशन रेड्डी का आरोप: बीआरएस-कांग्रेस ने सिंगरेनी कर्मचारियों का भरोसा तोड़ा, ₹9,000 करोड़ बकाया का मुद्दा उठाया

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किशन रेड्डी का आरोप: बीआरएस-कांग्रेस ने सिंगरेनी कर्मचारियों का भरोसा तोड़ा, ₹9,000 करोड़ बकाया का मुद्दा उठाया

सारांश

केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी ने सिंगरेनी भरोसा यात्रा के दौरान बीआरएस और कांग्रेस पर एससीसीएल को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया। तेलंगाना जेनको पर ₹9,000 करोड़ के बकाये का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने BJP सरकार आने पर पारदर्शी प्रशासन और कर्मचारी कल्याण का वादा किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय कोयला मंत्री जी.
किशन रेड्डी ने 14 जुलाई को केटीके-8 खदान, जयशंकर भूपालपल्ली का दौरा किया।
बीआरएस और कांग्रेस पर आरोप — एससीसीएल को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर कर्मचारियों का भरोसा कमज़ोर किया।
तेलंगाना जेनको पर सिंगरेनी के कोयले के बदले लगभग ₹9,000 करोड़ का बकाया बताया गया।
केंद्र द्वारा तडीचेरला-2 कोयला ब्लॉक का एससीसीएल को आवंटन, PM मोदी की प्रतिबद्धता का हिस्सा।
डीएमएफ फंड के उपयोग में पारदर्शिता की माँग तेलंगाना सरकार से की गई।
BJP तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन.
रामचंदर राव सहित वरिष्ठ नेता यात्रा में शामिल।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार, 14 जुलाई को आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की सरकारों की नीतियों ने सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के कर्मचारियों के आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर किया है। उनके अनुसार, पिछली सरकारों ने इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम को राष्ट्रीय हित में मज़बूत करने के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।

सिंगरेनी भरोसा यात्रा: खदान पर पहुँचे मंत्री

किशन रेड्डी 'सिंगरेनी भरोसा यात्रा' के अंतर्गत जयशंकर भूपालपल्ली ज़िले की केटीके-8 खदान का दौरा करने पहुँचे, जहाँ उन्होंने सिंगरेनी के कर्मचारियों और उनके परिजनों से सीधी बातचीत की। उन्होंने कहा कि इन श्रमिकों की अथक मेहनत और समर्पण ने दशकों से भारत की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाई है।

एक दशक की नीतिगत विफलताओं पर आरोप

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेलंगाना के गठन के बाद बीते एक दशक में बीआरएस और कांग्रेस की नीतिगत विफलताओं के कारण एससीसीएल कर्मचारियों के बीच असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना है। उनके अनुसार, इससे कर्मचारियों का मनोबल लगातार प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी माँग की कि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) के फंड के उपयोग को लेकर तेलंगाना सरकार पूरी पारदर्शिता बरते।

₹9,000 करोड़ के बकाये का मुद्दा

किशन रेड्डी ने एक गंभीर वित्तीय मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि तेलंगाना जेनको पर सिंगरेनी के कोयले की आपूर्ति के बदले लगभग ₹9,000 करोड़ का बकाया है, जिससे कंपनी पर अनावश्यक वित्तीय दबाव पड़ रहा है। उन्होंने इसे एससीसीएल की वित्तीय सेहत के लिए बड़ा खतरा बताया।

केंद्र की प्रतिबद्धता और तडीचेरला-2 आवंटन

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तडीचेरला-2 कोयला ब्लॉक का सिंगरेनी को आवंटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके तहत एससीसीएल को मज़बूत करने, कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और तेलंगाना के विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनेगी, तब पारदर्शी प्रशासन, कर्मचारी कल्याण और संस्थागत विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

नेतृत्व और उपस्थिति

इस अवसर पर BJP तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव, एमएलसी अंजी रेड्डी, विधायक धनपाल सूर्यनारायण सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। किशन रेड्डी ने सिंगरेनी को दीर्घकालिक लाभ की स्थिति में लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कर्मचारियों और उनके परिवारों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह यात्रा BJP की तेलंगाना रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ₹9,000 करोड़ के बकाये का आरोप एक ठोस वित्तीय प्रश्न उठाता है जिसका उत्तर तेलंगाना सरकार को देना होगा। दिलचस्प यह है कि केंद्र सरकार स्वयं कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता और कर्मचारी कल्याण की बात कर रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की बहस जारी है। तडीचेरला-2 आवंटन एक सकारात्मक कदम है, पर असली कसौटी यह होगी कि बकाया वसूली और डीएमएफ पारदर्शिता के वादे चुनावी भाषणों से आगे ज़मीन पर कब उतरते हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंगरेनी भरोसा यात्रा क्या है?
यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक राजनीतिक पहल है जिसके तहत केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी तेलंगाना की सिंगरेनी कोलियरीज की खदानों का दौरा कर कर्मचारियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इसका उद्देश्य एससीसीएल कर्मचारियों में विश्वास बहाल करना और केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाना है।
तेलंगाना जेनको पर सिंगरेनी का कितना बकाया है?
किशन रेड्डी के अनुसार, तेलंगाना जेनको पर एससीसीएल के कोयले की आपूर्ति के बदले लगभग ₹9,000 करोड़ का बकाया है। उन्होंने कहा कि इस बकाये से कंपनी पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
तडीचेरला-2 कोयला ब्लॉक का सिंगरेनी को आवंटन क्यों महत्वपूर्ण है?
केंद्र सरकार ने तडीचेरला-2 कोयला ब्लॉक एससीसीएल को आवंटित किया है, जिसे किशन रेड्डी ने PM मोदी की सिंगरेनी को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। यह आवंटन कंपनी की उत्पादन क्षमता और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है।
डीएमएफ फंड को लेकर किशन रेड्डी ने क्या माँग की?
केंद्रीय मंत्री ने तेलंगाना सरकार से माँग की कि केंद्र द्वारा उपलब्ध कराए गए जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) के फंड के उपयोग में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उनका आरोप है कि इस फंड के उपयोग की जानकारी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं की जा रही।
बीआरएस और कांग्रेस पर किशन रेड्डी के क्या आरोप हैं?
किशन रेड्डी ने आरोप लगाया कि तेलंगाना गठन के बाद बीते एक दशक में बीआरएस और कांग्रेस सरकारों ने एससीसीएल को एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम के रूप में मज़बूत करने के बजाय राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, इन सरकारों की नीतिगत विफलताओं ने कर्मचारियों में असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल पैदा किया।
राष्ट्र प्रेस
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