14 जुलाई 2026
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बारामती रेलवे स्टेशन का ₹11.40 करोड़ से कायाकल्प, डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने PM मोदी और रेल मंत्री को दिया धन्यवाद

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बारामती रेलवे स्टेशन का ₹11.40 करोड़ से कायाकल्प, डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने PM मोदी और रेल मंत्री को दिया धन्यवाद

सारांश

1914 से खड़ा बारामती रेलवे स्टेशन अब ₹11.40 करोड़ के पुनर्विकास से बदलने वाला है — दिव्यांग सुविधाएँ, क्षेत्रीय वास्तुकला और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के साथ। डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने PM मोदी और रेल मंत्री वैष्णव का आभार जताते हुए इसे बारामती की प्रगति का नया अध्याय बताया।

मुख्य बातें

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बारामती रेलवे स्टेशन का ₹11.40 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय पुनर्विकास किया जा रहा है।
स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 1,800 यात्री आवागमन करते हैं; यह 1914 से अस्तित्व में है।
नई सुविधाओं में दिव्यांग-अनुकूल व्यवस्था , आधुनिक वेटिंग रूम, पार्किंग और क्षेत्रीय वास्तुकला शामिल हैं।
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
भिगवान बर्ड सैंक्चुअरी , श्री सिद्धेश्वर मंदिर और बारामती एग्री-टूरिज्म सेंटर तक पहुँच अब और सुगम होगी।

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने 14 जुलाई 2026 को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत ₹11.40 करोड़ की लागत से बारामती रेलवे स्टेशन के विश्वस्तरीय पुनर्विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष आभार व्यक्त किया। यह आधुनिक स्टेशन शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिससे प्रतिदिन लगभग 1,800 यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्य घटनाक्रम

उपमुख्यमंत्री पवार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि 1914 से अस्तित्व में रहे इस स्टेशन को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किए जाने के बाद यह आधुनिकीकरण बारामती की विकास-यात्रा को नई रफ़्तार देगा। उन्होंने कहा कि जब वह सांसद थीं और उनके परिवार के सदस्य राज्य में वरिष्ठ पद पर थे, तब से इस परियोजना पर केंद्र सरकार तथा रेल मंत्रालय के साथ निरंतर समन्वय किया जाता रहा। उनकी संयुक्त प्रयासों का परिणाम है कि बारामती के नागरिकों का एक आधुनिक रेलवे स्टेशन का स्वप्न अब साकार हो रहा है।

पुनर्विकास में क्या-क्या शामिल

स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में मुख्य स्टेशन भवन का सौंदर्यीकरण, क्षेत्रीय वास्तुकला से प्रेरित प्रवेश द्वार एवं कंपाउंड वॉल का नवीनीकरण, स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार, सर्टिफाइड साइनबोर्ड और यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए बेहतर अवसंरचना शामिल है। इसके अतिरिक्त दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएँ, आधुनिक वेटिंग रूम और पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्य सड़कों, स्टेट हाईवे, ऑटो-रिक्शा और अन्य स्थानीय परिवहन सेवाओं से सुदृढ़ कनेक्टिविटी के कारण यात्रियों की 'लास्ट-माइल' यात्रा भी पहले से अधिक सहज हो जाएगी।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

बारामती महाराष्ट्र का एक प्रमुख कृषि, शैक्षिक और औद्योगिक केंद्र है। उपमुख्यमंत्री पवार के अनुसार, यह नवीनीकृत स्टेशन स्थानीय व्यापार, उद्योग, परिवहन और पर्यटन को उल्लेखनीय बढ़ावा देगा। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भिगवान बर्ड सैंक्चुअरी, श्री सिद्धेश्वर मंदिर, बारामती एग्री-टूरिज्म सेंटर और करहा नदी क्षेत्र जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँचना अब और सरल हो जाएगा।

अमृत भारत स्टेशन योजना का संदर्भ

भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना देश के सैकड़ों छोटे-बड़े स्टेशनों को यात्री-अनुकूल और आधुनिक रूप देने की केंद्रीय पहल है। बारामती स्टेशन का पुनर्विकास इसी योजना की कड़ी है, जो समावेशी और उच्च-गुणवत्ता वाली रेल यात्रा के अनुभव को जन-जन तक पहुँचाने के लक्ष्य से संचालित है।

क्या होगा आगे

यह आधुनिक स्टेशन शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित किए जाने की योजना है। उपमुख्यमंत्री पवार ने विश्वास जताया कि यह परियोजना बारामती की आर्थिक, कृषि, औद्योगिक और सामाजिक प्रगति को और सुदृढ़ करेगी तथा नागरिकों को सुरक्षित व सुविधाजनक रेल यात्रा का नया अनुभव प्रदान करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ध्यान देने योग्य यह भी है कि बारामती राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है और इस परियोजना की घोषणा का समय राजनीतिक लाभांश की दृष्टि से भी प्रासंगिक दिखता है। असली कसौटी यह होगी कि स्टेशन के उद्घाटन के बाद वादा की गई सुविधाएँ वास्तव में क्रियाशील रहें और स्थानीय कृषि व उद्योग को मापनीय लाभ मिले — केवल भवन का सौंदर्यीकरण पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारामती रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में कितना खर्च हो रहा है?
बारामती रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ₹11.40 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। यह स्टेशन शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित किए जाने की योजना है।
अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है?
अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे की केंद्रीय पहल है, जिसके अंतर्गत देश के सैकड़ों स्टेशनों को आधुनिक, यात्री-अनुकूल और समावेशी रूप दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य छोटे-मझोले शहरों के स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना है।
बारामती स्टेशन पर कौन-कौन सी नई सुविधाएँ मिलेंगी?
नवीनीकृत बारामती स्टेशन पर दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएँ, आधुनिक वेटिंग रूम, पार्किंग, क्षेत्रीय वास्तुकला से प्रेरित प्रवेश द्वार, सर्टिफाइड साइनबोर्ड और बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। स्वच्छता सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।
सुनेत्रा पवार ने किसका आभार जताया और क्यों?
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया, क्योंकि उनके कार्यकाल में बारामती स्टेशन के पुनर्विकास को स्वीकृति और क्रियान्वयन मिला। पवार ने बताया कि वह सांसद रहते हुए इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से निरंतर समन्वय करती रही थीं।
बारामती स्टेशन के पुनर्विकास से पर्यटन को कैसे फायदा होगा?
बारामती के निकट भिगवान बर्ड सैंक्चुअरी, श्री सिद्धेश्वर मंदिर, बारामती एग्री-टूरिज्म सेंटर और करहा नदी क्षेत्र जैसे पर्यटन स्थल हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी और स्टेशन सुविधाओं से इन स्थलों तक पर्यटकों की पहुँच सुगम होगी, जिससे स्थानीय पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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