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राजस्थान का रेलवे बजट ₹600 करोड़ से बढ़कर ₹10,228 करोड़ हुआ, सीमावर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता: अश्विनी वैष्णव

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राजस्थान का रेलवे बजट ₹600 करोड़ से बढ़कर ₹10,228 करोड़ हुआ, सीमावर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता: अश्विनी वैष्णव

सारांश

राजस्थान का रेलवे बजट 2014 के ₹600 करोड़ से बढ़कर ₹10,228 करोड़ — यानी 17 गुना की छलाँग। अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में सीमावर्ती कनेक्टिविटी, 85 स्टेशनों के पुनर्विकास और MNIT में AI-क्वांटम लैब का खाका पेश किया।

मुख्य बातें

राजस्थान का रेलवे बजट 2014 से पहले के ₹600 करोड़ से बढ़कर ₹10,228 करोड़ हो गया है।
200 से अधिक स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म उन्नयन; अमृत भारत योजना के तहत 85 स्टेशनों का पुनर्विकास।
दरभंगा-अजमेर ट्रेन अगले दो महीनों में साप्ताहिक से दैनिक सेवा में बदलेगी।
राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे और बुनियादी ढाँचे को विशेष प्राथमिकता।
MNIT जयपुर में AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर लैब विकसित होंगी।
जयपुर में AI डेटा सेंटर के विस्तार से रोज़गार और निवेश के नए अवसर।

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 11 जून 2026 को जयपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान का रेलवे बजट वर्ष 2014 से पहले के ₹600 करोड़ से बढ़कर अब ₹10,228 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचे को विशेष प्राथमिकता दे रही है।

बजट में ऐतिहासिक वृद्धि

वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान के रेलवे बजट में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 2014 से पहले यह आवंटन मात्र ₹600 करोड़ था, जो अब ₹10,228 करोड़ तक पहुँच चुका है — यानी लगभग 17 गुना की वृद्धि। उन्होंने कहा कि इस निवेश का प्रत्यक्ष लाभ राज्य के यात्रियों और रेलवे ढाँचे को मिल रहा है।

स्टेशन आधुनिकीकरण और नई सुविधाएँ

मंत्री ने बताया कि राजस्थान के लगभग 450 रेलवे स्टेशनों में से 200 से अधिक पर प्लेटफॉर्म ऊँचा करने, लंबाई बढ़ाने और यात्री सुविधाओं के विस्तार का काम तेज़ गति से जारी है। इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के करीब 85 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। जयपुर रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर सहित विभिन्न शहरों से नई अमृत भारत और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा चुका है। जयपुर सांसद की माँग पर शुरू की गई दरभंगा-अजमेर ट्रेन सेवा को अगले दो महीनों के भीतर साप्ताहिक से दैनिक सेवा में बदला जाएगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता

वैष्णव ने विशेष रूप से बताया कि राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी और विकास परियोजनाओं पर तेज़ी से काम हो रहा है। यह कदम न केवल स्थानीय नागरिकों के लिए बल्कि सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे को राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के केंद्र में रखा जा रहा है।

तकनीकी और डिजिटल निवेश

जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़ी अत्याधुनिक लैब विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही जयपुर में AI डेटा सेंटर के विस्तार पर भी काम किया जाएगा, जिससे राजस्थान को डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

मंत्री के अनुसार इन तकनीकी सुविधाओं से युवाओं को नई तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में रोज़गार व निवेश के नए अवसर खुलेंगे।

आगे की राह

वैष्णव ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल बुनियादी ढाँचे का विस्तार नहीं, बल्कि रेलवे, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरती तकनीकों के समन्वय से राजस्थान को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है। दरभंगा-अजमेर ट्रेन का दैनिकीकरण और MNIT में नई लैब — दोनों परियोजनाएँ आने वाले महीनों में ज़मीन पर दिखने लगेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

228 करोड़ का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी यह है कि बजट आवंटन ज़मीनी परियोजना-पूर्णता में कितना तब्दील हुआ — भारतीय रेलवे में बड़े आवंटन और धीमी क्रियान्वयन दर का इतिहास पुराना है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी पर ज़ोर सामरिक रूप से सही दिशा है, पर इन परियोजनाओं की समयसीमा और लागत-अधिक्रमण की स्थिति सार्वजनिक नहीं की गई। MNIT में AI और क्वांटम लैब की घोषणा स्वागतयोग्य है, किंतु बिना परिचालन समयसीमा और फंडिंग स्रोत के विवरण के, यह अभी इरादे की घोषणा अधिक है। दरभंगा-अजमेर ट्रेन का दैनिकीकरण एक ठोस और मापनीय कदम है — इस तरह के विशिष्ट वादे ही नीतिगत विश्वसनीयता बनाते हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान का रेलवे बजट 2014 से पहले और अब कितना है?
2014 से पहले राजस्थान का रेलवे बजट लगभग ₹600 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹10,228 करोड़ हो गया है — यानी लगभग 17 गुना की वृद्धि। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 11 जून 2026 को जयपुर में यह जानकारी दी।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान में कितने स्टेशन विकसित होंगे?
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजस्थान के करीब 85 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके अलावा 200 से अधिक स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म उन्नयन और यात्री सुविधाओं का विस्तार भी जारी है।
दरभंगा-अजमेर ट्रेन कब से दैनिक होगी?
अश्विनी वैष्णव के अनुसार दरभंगा-अजमेर ट्रेन अगले दो महीनों के भीतर साप्ताहिक सेवा से दैनिक सेवा में बदल दी जाएगी। यह सेवा जयपुर सांसद की माँग पर शुरू की गई थी।
MNIT जयपुर में कौन-सी नई तकनीकी सुविधाएँ विकसित होंगी?
मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT), जयपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर से जुड़ी अत्याधुनिक लैब विकसित करने की योजना है। इसके साथ जयपुर में AI डेटा सेंटर के विस्तार पर भी काम होगा।
राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे विकास को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है?
केंद्रीय मंत्री वैष्णव के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिलने के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से भी क्षेत्र मज़बूत होगा। यह निवेश राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास दोनों लक्ष्यों को साधता है।
राष्ट्र प्रेस
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