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रेल मंत्री ने भारतीय रेलवे की प्राथमिकताओं पर दी जानकारी: आम नागरिकों के लिए नई योजनाएँ

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रेल मंत्री ने भारतीय रेलवे की प्राथमिकताओं पर दी जानकारी: आम नागरिकों के लिए नई योजनाएँ

सारांश

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की नई योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने रेलवे की प्राथमिकताओं को उजागर करते हुए आम नागरिकों की यात्रा को आसान और सस्ता बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मुख्य बातें

रेल यात्रा की लागत में भारी सब्सिडी नॉन-एसी कोचों की संख्या में वृद्धि दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत की कमी रेल विद्युतीकरण से बचत अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली योजनाएँ

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा कि तेज, सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक भारतीय रेलवे आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण सवारी का माध्यम है। सरकार ने सबसे गरीब लोगों की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है और किफायती कीमत पर यात्रा को निरंतर बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने भारतीय रेलवे के 'धीरे विकास' के स्थान पर 'अति-तीव्र परिवर्तन' को एक नए युग के रूप में दर्शाया।

उन्होंने बताया कि लगभग 1,37,000 किमी रेलवे ट्रैक और 25,500 से अधिक ट्रेनों के माध्यम से, भारतीय रेलवे लोगों और माल को देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक ले जाने में और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक है। भारतीय रेलवे ने अधिक नॉन-एसी कोचों के साथ आम नागरिकों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा कि सरकार देश में भारी सब्सिडी वाली रेल यात्रा को प्रोत्साहित कर रही है। प्रत्येक यात्री के टिकट की लागत का 45% वहन करने के कारण, पड़ोसी देशों की तुलना में किराया कम है और विकसित देशों के मुकाबले तो काफी कम है। उन्होंने बताया कि 200 नई अंतर शहरी ट्रेनों के अलावा, मुंबई के लिए 238 नई उपनगरीय ट्रेनें स्वचालित द्वार बंद करने की प्रणाली सहित शुरू की जा रही हैं, जो छोटी दूरी की यात्रा को बढ़ावा देंगी।

उन्होंने कहा कि रेलवे परियोजनाएँ अगले 10 वर्षों में 5 लाख नौकरियों और पिछले 2 वर्षों में 1.43 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों के अलावा लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया है, जिसका लाभ देशभर के सभी राज्यों को मिल रहा है और बुनियादी ढांचे के त्वरित विकास को गति मिल रही है।

उन्होंने बताया कि रेल विद्युतीकरण के कारण लगभग ₹6,000 करोड़ की बचत हुई है और विद्युतीकरण के बढ़ते दायरे के कारण डीजल की खपत में भी लगातार कमी आ रही है। रेलवे दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है, जिसे 'रूट कॉज एनालिसिस' (व्यवस्थित मूल कारण का विश्लेषण) और सुधारात्मक उपायों के माध्यम से संभव बनाया गया है। सुरक्षा में निवेश भी बड़े पैमाने पर बढ़ा है, जिसके तहत सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए लगभग ₹1.2 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं।

विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' के संबंध में उन्होंने कहा कि लगभग 3,000 किलोमीटर के नेटवर्क को पहले ही इसके दायरे में लाया गया है, जबकि करीब 20,000 किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है और लगभग 8,000 रेल इंजनों में इसे लगाने की योजना है। वर्तमान में 160 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, साथ ही किफायती लंबी दूरी की यात्रा की सुविधा देने वाली 60 अमृत भारत ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि 133 अमृत भारत ट्रेनों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें भी शुरू की गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में मदद करेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे में क्या नई योजनाएँ लागू की जा रही हैं?
भारतीय रेलवे में नई योजनाओं के अंतर्गत नॉन-एसी कोचों की संख्या बढ़ाई जा रही है और नई उपनगरीय ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
रेलवे सुरक्षा में क्या सुधार किए जा रहे हैं?
रेलवे सुरक्षा में सुधार के लिए 'कवच' प्रणाली का विकास किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
सरकार यात्रा के लिए सब्सिडी क्यों देती है?
सरकार गरीब वर्ग के लिए यात्रा को किफायती बनाने के लिए सब्सिडी देती है, जिससे किराया अन्य देशों की तुलना में कम हो।
रेल विद्युतीकरण से क्या लाभ हुए हैं?
रेल विद्युतीकरण से लगभग ₹6,000 करोड़ की बचत हुई है और डीजल की खपत में भी कमी आई है।
भारतीय रेलवे के अंतर्गत रोजगार के अवसर कैसे बढ़ रहे हैं?
रेलवे परियोजनाएँ लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा कर रही हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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